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जज मौत: सांसदों के धरने के बाद भी शाह के खिलाफ खबर की हिम्मत नहीं जुटा पाए दिग्गज पत्रकार

नई दिल्ली।  गुजरात के चर्चित सोहराबुद्दीन फर्जी एनकाउंटर केस की सुनवाई करने वाले जज बृजगोपाल हरकिशन लोया की मौत को लेकर उनके परिवारवालों ने गुजरात सरकार से न्यायिक जांच की मांग की है। जज लोया के परिवारवालों ने आरोप लगाया है कि उनकी मौत संदिग्ध परिस्थतियों में हुई थी। ऐसा नहीं है कि लोया की मौत पहली बार सवाल उठे हैं। जिस वक्त जस्टिस लोया की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी तभी इस मौत पर सवाल उठने शुरू हो गए थे। लेकिन ना तो उस वक्त केंद्र की मोदी सरकार इस मांग को दवा गई और मीडिया भी इस पूरे मामले पर खामोस रहा।

सरकार बनते ही बदल दिए गए थे जज 

साल 2014 के मई में जैसे ही केंद्र में मोदी की सरकार बनी वैसे ही पिछले एक साल से सोहराबुद्दीन मामले की सुनवाई कर रहे सीबीआई के विषेश जज जे.टी उत्तपट को इस केस से हटा दिया गया। बताया जाता है कि जस्टिस उत्तपट इस केस की सुनवाई के दौरान काफी कड़क थे और लगातार अमित शाह को अदालत में हाजरी लगाने के लिए समन जारी कर रहे थे। जून में जे.टी उत्तपट को इस केस से हटाने के बाद बृजगोपाल हरकिशन लोया को इस मामले की सुनवाई सौंपी गई।

जस्टिस लोया ने नहीं दिखाई शाह पर कोई नरमी

बताया जाता है कि लोया के हाथों में केस आने के बाद उन्होंने भी शाह पर कोई रहमी नहीं बरती लगातार बड़ी ही शख्ती के साथ मामले की सुनवाई करते रहे। इसबीच 30 नवंबर 2014 को जस्टिस लोया की संदिग्ध परिस्थतियों मौत हो गई। जस्टिस लोया की मौत के बाद इस केस की सुनवाई के लिए एम.बी. गोसावी को नियुक्त किया गया। जिन्होंने 15 दिनों के अंदर पूरे मामले की सुनवाई करते हुए 75 पन्ने का 30 दिसंबर 2014 को ऑर्डर जारी कर दिया।

फिट थे जस्टिस लोया तो कैसे आया हार्ट अटैक 

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जुलाई में शोहराबुद्दी केस को अपने हाथों में लेने के बाद से लगातार उस केस की सुनवाई कर रहे जस्टिस लोया नागपुर में होने वाली शादी में हिस्सा लेने के लिए 29 नवंबर को मुंबई से निकले। 30 नवंबर को शादी में शामिल होने के बाद एक तारीख दो वापसी की ट्रेन पकड़ 2 तारीख को वो दोबार से कोर्ट जॉइन करने वाले थे। लेकिन सोमवार की सुबह वो सोकर ही नहीं उठे। हार्ट अटैक से हुई उनकी मौत की खबर ने मुंबई समेत पूरे भारत में सभी को चौंका दिया। 2 दिसंबर को इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी एक रिपोर्ट में जस्टिस लोया के करीब के सूत्रों के हवाले से खबर छापी को लोया को हार्ट से जुड़ी कोई समस्या नहीं थी और वो बिल्कुल फिट थे।  एडवोकेट विजय हिरेमाथ ने बताया कि वो बिल्कुल ही टेंसन फ्री रहने वाले वयक्ति थे ऐसे में उनके हार्ट अटैक की खबरें चौकाने वाली हैं।

सांसदों ने दिया था संसद के बाहर घरना

एक फिट जज की हार्ट अटैक से संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से अमित शाह के विरोधियों के कान खड़े हो गए। लोया की मौत के बाद कुछ सांसद 4 दिसंबर 2014 को संसद भवन के बाहर धरने पर बैठकर सीबीआई जांच की मांग करने लगे। लेकिन उस वक्त किसी ने उनकी बातों की तरफ ध्यान नहीं दिया और देश की नेशनल मीडिया ने भी इस खबर की तरफ ध्यान नहीं दिया।

सोहराबुद्दीन शेख के भाई ने लिखा था पत्र

जस्टिस लोया की मौत के बाद सोहराबुद्दीन शेख के भाई रूबूद्दीन ने चीफ जस्टिस को एक पत्र लिखा जिसमें उसने लोया की मौत के पीछे गहरी साजिश की बात कही। सिर्फ इतना ही नहीं उन्होंने अपने पत्र में ये भी लिखा कि जस्टिस लोया की संदिग्ध मौत इस केस में आगे की सुनवाई करने वाले जजों के लिए धमकी जैसी है।

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