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गोलगप्पे बोला-हाँ, पाकिस्तानी एजेंट हूँ और कई लडकियों को बना चुका हूँ मुसलमान

जी हाँ . ये रिपोर्ट पढ़ कर आप स्वय स्वीकार कर लेंगे की लव जिहाद नाम का जहर किस प्रकार से खुद नहीं बल्कि सींच कर और पाल पोश कर उगाया जा रहा है और ख़ास बात ये भी है की इस से सबसे ज्यादा प्रभावित भारत के अधिकतर लोग या तो इसको हल्के में लेते हैं या सीधे सीधे सिरे से केवल अपने लॉजिक के आधार पर इसको तमाम सबूतों को देख कर भी दरकिनार कर देते हैं .पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आयएसआय भारत में जासूसी के लिए अपने एजेंट्स को हनी ट्रैप की ट्रेनिंग देकर भेज रही है।

उसका मकसद यहां की लडकी से शादी कराके अपने एजेंट को भारत की सिटिजनशिप दिलाना है, ताकि उस पर शक न हो ! ताजा मामला जालंधर से पकडे गए पाकिस्तानी एहसान उल हक का सामने आया है। उसने फेसबुक पर दोस्ती करके भारतीय लडकी से शादी कर ली। हालांकि, उसने खुद को जासूस नहीं माना है, उससे पूछताछ हो रही है। इससे पहले भी जालंधर और फिरोजपुर में ऐसे ही २ केस सामने आ चुके हैं ! इसमें राजौल्लाह और आलम को पकड़ा गया था।
ये मामले आए सामने…

केस-१ : एहसान उल हक – फेसबुक लवर बलविंदर से २०१२ में की थी शादी

जालंधर में पाकिस्तानी सिटिजन एहसान उल हक को पकडा गया है। उसने फेसबुक पर बलविंदर कौर से दोस्ती कर उसे प्यार में फंसाया फिर १९ जुलाई २०१२ को शादी कर ली। शादी गांव कोटकलां में पंजाबी रीति रिवाज से की थी। वो दुल्हा बनकर बाकायदा पगडी बांधकर आया था। उस पर शक तब हुआ, जब उसने खुद को भारतीय बताकर आधार और पैन कार्ड बनवाया, फिर अलीपुर कॉलोनी में कोठी बनवा ली। हक से खुफिया एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं। अभी तक उसने नहीं माना है कि वह जासूस है, लेकिन सबूत उसके खिलाफ हैं !

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केस – २ : राजौल्लाह – लडकी की इन्फॉर्मेशन पर पकडा गया था

२ अगस्त २०१० को फिरोजपुर पुलिस ने २४ साल के राजौल्लाह को पकडा था। वह आयएसआय एजेंट था और नेपाल से इंडिया में आया था। उसने हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में कैटरिंग का काम शुरू किया था। लोग उसे राकेश कुमार बुलाते थे। उसने वोटर कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस तक बनवा रखे थे। वह बडे आराम से आर्मी एरिया में बुलेट पर घूमता था। उसके चक्कर में तीन लडकियां फंसी थीं। तीसरी को पता चल गया था कि राकेश दो और लडकियों से अफेयर है। उसकी गर्लफ्रेंड ने ही पुलिस को इन्फॉर्मेशन दी थी। पकडा गया तो खुलासा हुआ कि वह पाकिस्तानी है और आयएसआय के लिए जासूसी करता था। उसने माना कि उन्हें सिखाया गया था कि इंडिया में जाकर सबसे पहले लडकी से ही दोस्ती करनी है !

केस – ३ : मोहम्मद आलम – दोस्त की बहन से शादी की थी

जालंधर के वर्कशॉप चौक के पास २१ अगस्त २०१० को पाकिस्तानी मोहम्मद आलम को पकडा था। वह यहां गोलगप्पे बेचने की आड में जासूसी कर रहा था। उसे १४ साल कैद करवानेवाले पूर्व सीआयए इंचार्ज सतीश मल्होत्रा (अब रिटायर एसपी) कहते हैं कि आलम ने माना था कि उन्हें ट्रेनिंग में सिखाया जाता है कि कैसे भारतीय लडकी को प्यार में फंसाकर शादी करनी है ! ऐसा करके वे पासपोर्ट जैसे अहम दस्तावेज बनवा सकते हैं। आलम २००६ में नेपाल से भारत आया था। जालंधर में उसने सब्जी बेचनेवाले जितेंद्र सिंह से दोस्ती की। नाम ठाकुर अमरदास बताया। फिर जितेंद्र की शादीशुदा बहन प्रिया सिंह से शादी कर ली। आलम दो साल तक गांव रंधावा मसंदा में किराए पर रहा..

अफ़सोस की बात ये है कि इतने के बाद भी सभी प्रमाणों को दरकिनार करते हुए ना जाने किस बात की ठेकेदारी लेता एक नकली सेकुलर वर्ग कहता है की कौन सा लव जिहाद और कैसा लव जिहाद .. क्या अपने आप को संकट में डाल कर अपराधियों के मंसूबों को पूरा करना ही असली धर्म निरपेक्षता है . ?

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