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पेट्रोल-डीजल के दाम कम करने के लिए यूपी में प्रस्ताव पास

lko petrolलखनऊ। लगातार गिर रहे कच्चे तेल (क्रूड ऑइल) की कीमतों के आधार पर देश में, खासकर उत्तर प्रदेश में डीजल और पेट्रोल के दाम कम करने को लेकर विधानसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया गया। प्रश्नकाल के दौरान एक सवाल का जवाब देते हुए संसदीय कार्यमंत्री आजम खां ने कहा कि सदन की सहमति हो तो यहां से कच्चे तेल के अनुरूप डीजल-पेट्रोल के दाम कम करने का प्रस्ताव पास कर केंद्र को भेज दिया जाए। संभव है कि केंद्र इस पर विचार कर ले।
नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य, कांग्रेस नेता प्रदीप माथुर और आरएलडी नेता दलवीर सिंह ने इसका समर्थन किया। इसके बाद इस प्रस्ताव को पारित कर दिया गया। विधानसभाध्यक्ष ने इस प्रस्ताव को केंद्र को भेजे जाने के निर्देश दिए। हालांकि बीजेपी ने इस सवाल के जवाब से असंतुष्ट होकर सदन का वॉकआउट कर दिया।

बीजेपी विधायक दल के नेता सुरेश खन्ना ने सवाल किया था कि डीजल की कीमतों में भारी कटौती के बाद क्या सरकार परिवहन विभाग के अधीन चलने वाली अनुबंधित बसों के किराए में कटौती करेगी? परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) यासिर शाह ने जानकारी दी कि डीजल के दामों में हुई कमी के आधार पर एक पैसा प्रतियात्री प्रति किलोमीटर की कमी की गई है। सुरेश खन्ना ने सवाल किया कि पिछले दो सालों में डीजल के दामों में 15.77 रुपये की कमी हुई है। नियमानुसार तीन रुपये प्रति किलोमीटर की कमी आई है। बताएं कि बाकी पैसा कहां जा रहा है?

यासिर शाह ने चुटकी लेते हुए कहा कि सब प्रभु की लीला है। वहां बजट में रेल का कितना किराया कम किया गया। आप बताएंगे कि क्रूड ऑइल के दामों के हिसाब से डीजल के दाम आज 11.75 रुपये होने चाहिए, 46 रुपये प्रति लीटर क्यों हैं?बाकी का पैसा किसकी जेब में जा रहा है। हम परिवहन विभाग में डीजल के रेट, टीए, डीए को साथ में रख कर किराया तय करते हैं।

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मंत्री के जवाब पर बीजेपी ने हंगामा किया, तो आजम खां ने कहा कि सदन से केंद्र को एक प्रस्ताव पास करके भेजा जाए कि किसानों की भलाई को देखते हुए कच्चे तेल के दाम के अनुरूप डीजल और पेट्रोल के दाम तय करें। स्वामी प्रसाद मौर्य ने तत्काल इसका समर्थन किया। सुरेश खन्ना ने आरोप लगाया कि सरकार हर मुद्दे को केंद्र पर डाल कर अपनी जवाबदेही से बचती है। इनके पास अब दो ही विकल्प हैं। या तो वह तेल पर लगा अपना टैक्स कम करें या फिर बोरिया बिस्तर बांध कर चली जाएं। आजम ने चुटकी ली, कहा कि आप बेकार भावुक हो रहे हैं। यूपी सरकार के पास तेल का कुआं नहीं है। सदन सहमत है, हो सकता है कि इस प्रस्ताव से तेल के दाम कम हो जाएं। इस पर बीजेपी सरकार पर बात को घुमाने का आरोप लगाते हुए वॉकआउट कर गई।

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