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पैराडाइज पेपर्स : दिल्ली के इस बिजनेसमैन ने दुनियाभर में बना डाली 100 से ज्यादा कंपनियां

नई दिल्ली। दुनियाभर में हड़कंप मचाने वाले पैराडाइज पेपर्स लीक में सन समूह के संस्थापक नन्द लाल खेमका के नाम का भी खुलासा हुआ है। इन पेपर्स के जरिये खुलासा हुआ है कि खेमका और उनके समूह की विदेशों में 100 से अधिक कंपनियां हैं जो कर बचाने में लगी हुई हैं। माना जा रहा है कि सन समूह कर-चोरी में मदद करने वाली कानूनी फर्म एपल्बी का

दूसरा सबसे बड़ा ग्राहक है। एक रिपोर्ट के अनुसार सन समूह का कहना है कि  ‘गठन के समय से इस वैश्विक समूह के शेयरधारक अनिवासी भारतीय रहे हैं। इस दौरान सन ने विशेष मकसद से गठित कंपनियों के सहारे कई निवेश किए हैं। हम संबंधित कानूनों और आवश्यक उद्घोषणाओं का पालन करते हैं। हमने विदेश में जहां कहीं भी कारोबार किया है वहां पर कर भी भरते रहे हैं।’

दिल्ली के उद्योग जगत में खेमका का नाम जाना-पहचाना है। उनका कारोबार वैमानिकी, तेल एवं गैस, खनन, रियल एस्टेट, ढांचागत क्षेत्र, रियल एस्टेट, खानपान और तकनीक से लेकर नवीकरणीय ऊर्जा तक फैला हुआ है। सन समूह 1958 से ही रूस में सक्रिय होने का दावा करता है। वहीं भारत में इसकी कारोबारी गतिविधियां और भी पहले से चलती आ रही हैं। दिल्ली स्थित रूसी दूतावास की विज्ञप्तियों से पता चलता है कि खेमका को वर्ष 2009 में रूसी सरकार के फ्रेंडशिप ऑर्डर सम्मान से नवाजा जा चुका है।

भारत और रूस के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों और सहयोग को बढ़ाने के लिए खेमका को यह पुरस्कार दिया गया था। कंपनी दस्तावेजों के मुताबिक खेमका एविएशन में खेमका की अच्छी-खासी हिस्सेदारी है। खेमका परिवार ने 1966 में खेमका एविएशन की नींव रखी थी। परिवार के सदस्यों के बीच इस कंंपनी पर नियंत्रण का स्वरूप बदलता रहा है। लेकिन हिंदू अविभाजित परिवार के मुखिया के तौर पर नंदलाल खेमका का ही वर्चस्व रहा है। खेमका एविएशन का संचालन दिल्ली के कनॉट प्लेस में स्थित स्पीड बर्ड हाउस इमारत से होता है।

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इस कंपनी का गठन शेयरों, प्रतिभूतियों और प्रॉपर्टी सौदों के लिए किया गया था। सन समूह के अन्य कारोबारों की तरह खेमका एविएशन का नियंत्रण भी पूरी तरह से परिवार के ही पास है। वर्ष 2015-16 में इसका टर्नओवर करीब 12 करोड़ रुपये रहा था जबकि उसने 9 करोड़ रुपये के मुनाफा भी कमाया था जो एक साल पहले की तुलना में छह गुना अधिक था। इसकी कमाई का अधिकांश हिस्सा लाभांश के रूप में आया था।

खेमका के स्वामित्व वाली कुछ दूसरी कंपनियां भी हैं जिनका वास्तविक नियंत्रण विदेशी कंपनियों के हाथ में है। मसलन, सन ग्रुप इंटरप्राइजेज में दूसरा बड़ा शेयरधारक चैनल आइलैंड्स स्थित कंपनी एसपीआर लिमिटेड है और उसका नियंत्रण भी खेमका परिवार के ही पास है। नवीनतम वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी के तिहाई से भी अधिक शेयर चैनल आइलैंड्स स्थित कंपनी के पास हैं जबकि भारत में रिटर्न भरतेे समय उसने पियर रोड के एक ठिकाने का पता दिया है। खेमका का नाम भारत से बाहर कारोबार कर रहीं नौ अन्य कंपनियों के निदेशक के तौर पर भी दर्ज है।

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