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कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े का इस्तीफा मांगा

vinod-tawde3मुंबई। पार्टी फंड के 25 लाख रुपये तरुण भारत की कंपनी में निवेश के मामले को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को वापस शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े पर नए आरोपों के साथ हमला बोला। साथ ही इस बार केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के खिलाफ भी संगीन आरोप लगाए हैं। मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरुपम के इस मामले में आगे आने से तावड़े के खिलाफ आरोपों की धार और तेज हो गई है।

कांग्रेस के आरोपों के जवाब में तावड़े ने सफाई दी थी कि तरुण भारत अखबार का संचालन करने वाली कंपनी श्री मल्टीमिडिया विजन लिमिटेड में पार्टी फंड से जो 25 लाख रुपये दिए गए हैं वे ट्रेड अडवांस के रूप में दिए गए हैं। इस सफाई की धज्जियां उड़ाते हुए निरुपम और विपक्ष के नेता राधाकृष्ण विखे पाटील ने कहा कि नियमों के मुताबिक ट्रेड अडवांस अधिकतम 15 से 18 महीने के लिए दिया जा सकता है, लेकिन यहां तो पार्टी फंड का 25 लाख रुपये पिछले 15 साल से पड़ा है। जाहिर है पार्टी फंड का पैसा मुनाफा कमाने के लिए तरुण भारत में निवेश किया गया है।

कांग्रेस ने विनोद तावड़े पर आरोप लगाया था कि वे श्री मल्टीमिडिया विजन लिमिटेड में डायरेक्टर हैं। इसके जवाब में तावड़े ने कहा था कि वे डायरेक्टर नहीं बल्कि ‘मानद डायरेक्टर’ हैं। इस पर कांग्रेस ने कंपनी की बैलेंसशीट पर तावड़े के हस्ताक्षर होने का खुलासा करते हुए कहा कि मानद डायरेक्टर बैलेंसशीट पर हस्ताक्षर नहीं करता। कंपनी अधिनियम का हवाला देते हुए निरुपम और विखेपाटील ने आरोप लगाया कि तावड़े सरासर झूठ बोल रहे हैं। आखिर तावड़े ने उक्त जानकारी चुनाव आयोग से छुपाई है। उन पर जन प्रतिनिधित्व कानून के 125/ अ के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। इसके तहत छह महीने की सजा और जुर्माना अथवा दोनों का ही प्रावाधन है।

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मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष निरुपम और विरोधी पक्ष नेता विखे-पाटील ने तावड़े के नाम पर तीन और गडकरी के नाम पर 6 डायरेक्टर आयडेंटीफिकेशन नंबर (डीआईएन) नंबर रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कंपनी अधिनियम के तहत एक व्यक्ति के पास एक ही डीआईएन नंबर होना चाहिए। एक से ज्यादा डीआईएन नंबर रखने के लिए गडकरी और तावड़े पर आपराधिक मामला दर्ज करना चाहिए। इन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को विनोद तावड़े व नितीन गडकरी तत्काल इस्तीफा लेना चाहिए।

शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े ने शुक्रवार को आनन-फानन में बुलाई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि मेरे नाम पर 3 डायरेक्टर आयडेंटीफिकेशन नंबर (डीआईएन) होने का कांग्रेस नेताओं का दावा हास्यास्पद है। मेरे पास एक ही डीआईएन नंबर है। यह जानकारी मिनिस्ट्री ऑफ कंपनी के वेबसाईट पर उपलब्ध है। जिस भी कपंनी में मैं संचालक हू उससे उन्हें कोई आर्थिक लाभ नहीं है इसलिए चुनाव आयोग के शपथ पत्र में उसका जिक्र नहीं किया। विखे-पाटील ने मेरे जो 3 डीआईएन बताए है उसमें पहला रद्द/अमान्य हो गया है। दूसरा लैप्स हो चुका है। मेरे नाम पर सिर्फ एक डीआईएन है। उन्होंने कहा कि मंत्री पद स्वीकारने बाद कंपनी संचालक मंडल पद से इस्तीफा दे देना कोई नियम नहीं है।

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