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PPF निकालने पर टैक्स की सिफारिश

ppf1नई दिल्ली। आम बजट से तीन दिन पहले संसद में पेश इकनॉमिक सर्वे में कहा गया है कि पीपीएफ और इस तरह के अन्य निवेश पर रकम निकासी के समय टैक्स छूट खत्म की जानी चाहिए। सर्वे में कहा गया है कि यह लाभ ज्यादातर अमीर लोग उठाते हैं। सर्वे को बजट के संकेत के तौर पर देखा जाता है।
गौरतलब है कि 15 साल के लिए जमा होने वाले पब्लिक प्रॉविडेंट फंड पर फिलहाल निवेश, ब्याज कमाने और निकासी, तीनों समय टैक्स छूट मिलती है। हाल में छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर कम करने के कदम उठाए गए हैं।

वित्त मंत्री अरुण जेटली की ओर से पेश इकनॉमिक सर्वे में कहा गया है कि सोच-समझ के मुताबिक टैक्स सिर्फ निवेश या निकासी के समय लगाया जाना चाहिए। लेकिन निकासी के समय लगाया जाने वाला टैक्स कई मामलों में बेहतरीन अंतरराष्ट्रीय चलन है। इसका पालन कराना आसान है।

अगर किसी बचत को निवेश और ब्याज अर्जित करने के समय छूट मिलती है, लेकिन निकासी के समय टैक्स लगता है तो बचतकर्ता को टैक्स लाभ लेने के लिए बचत और कमाई का ब्यौरा मेंटेन करने की जरूरत नहीं होगी। भारत को भी क्रमवार ढंग से बचत की निकासी के समय टैक्स लगाने की ओर बढ़ना चाहिए।

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गौरतलब है कि न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) में निवेश और ब्याज अर्जित करने के समय कोई टैक्स नहीं लगता, लेकिन निकासी के समय टैक्स लगता है। सर्वे में कहा गया है कि सेक्शन 80 सी और 80 सीसीडी के तहत मिलने वाली टैक्स छूट पर गौर करते हुए इसे निकासी के समय टैक्स लगाने की ओर ले जाना चाहिए। इसके अलावा पोस्ट ऑफिस की छोटी बचत योजनाओं पर भी निकासी के समय टैक्स लगाया जाना चाहिए।

सर्वे में कहा गया कि 2014-15 के बजट में पीपीएफ में निवेश की सीमा 50 हजार रुपये बढ़ा दी गई। आंकड़ों का विश्लेषण बताता है कि सबसे ऊंचे आय वर्ग वाले टैक्सपेयर्स ने इसका फायदा उठाया। पीपीएफ जमा पर प्रभावी रिटर्न काफी ऊंचा है। इस पर सब्सिडी 12000 करोड़ रुपये के करीब है। सर्वे में इनकम टैक्स छूट बढ़ाने से बचने और प्रॉपर्टी टैक्स का विस्तार करने के लिए कहा गया है।

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