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सहारनपुर हिंसा के मास्टरमाइंड और भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर रावण को मिली जमानत

लखनऊ। सहारनपुर हिंसा के मास्टरमाइंड और भीम आर्मी के फाउंडर चंद्रशेखर रावण को गुरुवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। उस पर दंगे से संबंधि‍त मामलों में हत्या के प्रयास, आगजनी और अन्य गंभीर धाराओं में 4 केस दर्ज थे। जस्टिस मुख्तार अहमद की बेंच ने उसकी जमानत याचिका मंजूर कर ली और सभी केस से जमानत मिल गई। चंद्रशेखर को पुलिस ने 7 जून को यूपी-हिमाचल पुलिस ने हिमाचल के डल्हौजी से अरेस्ट किया था। वह हिमाचल में एक दलित नेता के यहां शरण लिए हुए था। 12 हजार का चंद्रशेखर और उसके साथि‍यों पर इनाम था।

बता दें कि सहारनपुर हिंसा के आरोपी चंद्रशेखर उर्फ रावण को पुलिस पिछले 22 दिन से यूपी समेत कई राज्यों में ढूंढ रही थी। पुलिस ने चंद्रशेखर और उसके तीन साथियों पर 12-12 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।इससे पहले 1 जून को चंद्रशेखर के भाई कमल को पुलिस ने उसके घर से अरेस्ट किया था। उस समय वह अपनी मां के साथ बिना पर‍मि‍शन के प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहा था।कमल की गिरफ्तारी के बाद चंद्रशेखर की मां कमलेश ने कहा था कि उसे योगी सरकार दंगों का दाग लगाकर फंसा रही है। हिंसा के दौरान चंद्रशेखर अपने घर पर था।

ये संगठन सहारनपुर के 700 गांवों में एक्टिव है। 2013 में बनी भीम आर्मी दलितों को लीड करती है। इसका चीफ एडवोकेट चंद्रशेखर आजाद है। दावा है कि हर गांव में भीम आर्मी के 8 से 10 युवा मेंबर हैं। ये सभी अपने सिर पर नीला कपड़ा बांधते हैं। वहीं, कुछ दिनों पहले मायावती आरोप लगा चुकी हैं कि भीम आर्मी बीजेपी की टीम है।

सहारनपुर के शब्बीरपुर गांव में 5 मई को महाराणा प्रताप शोभायात्रा के दौरान डीजे बजाने को लेकर ठाकुरों और दलितों के बीच झगड़ा हो गया था। इसमें ठाकुर पक्ष के एक शख्स की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद दलितों के 60 से ज्यादा मकान जला दिए गए थे और कई गाड़ियों में आग लगा दी गई। इस घटना का दलितों की भीम आर्मी ने विरोध किया।9 मई को दलित इकट्ठा हुए। पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की, तो वो भड़क गए। जिले में 9 जगह हिंसा हुई। दुकानों और गाड़ियों में आग लगा दी गई। 21 मई को दलितों ने बड़ी तादाद में दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट किया था।

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क्या रोल था मायावती का क्या?

23 मई को मायावती 5 मई को हुई हिंसा के विक्टिम्स के परिवार वालों से मिलने शब्बीरपुर गांव पहुंचीं। उन्होंने दलित विक्टिम्स को पार्टी फंड से 25 से 50 हजार रुपए तक की मदद देने का एलान किया। वहां एक सभा भी की। यहां से घर लौट रहे दलितों पर रास्ते में हमला कर दिया गया। इसमें एक शख्स की मौत हो गई, कई लोग घायल हो गए। इसके बाद दलितों ने अपर कास्ट के लोगों के 2 घरों में आग लगा दी था।

हालात काबू करने के लिए सीएम योगी ने 23 मई की रात ही स्टेट प्लेन से 4 अफसरों की एक टीम लखनऊ से सहारनपुर भेजी। गाजियाबाद, मेरठ, अलीगढ़ और आगरा से 5 PAC के कमाडेंट भी भेजे गए थे। 24 मई की देर शाम सहारनपुर के डीएम एनपी सिंह और एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे को सस्पेंड कर दिया गया था। डिवीजनल कमिश्नर एमपी अग्रवाल और डीआईजी जेके शाही का भी ट्रांसफर कर दिया गया। प्रमोद कुमार पांडेय को नया डीएम बनाया गया। बबलू कुमार सहारनपुर के नए एसएसपी बनाए गए थे। इस मामले में 1 जून को चंद्रशेखर के भाई कमल किशोर को पुलिस ने अरेस्ट किया गया था, उसके बाद 7 जून को चंद्रशेखर भी अरेस्ट हो गए।

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