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डोकलाम विवाद के बाद अब चीन को सीधा रखने के लिए सीमा पर ऑपरेशनल कमांड बनाएगी भारतीय सेना

नई दिल्ली। डोकलाम विवाद के बाद सीमा पर चीन को करारा जवाब देने के लिए भारत ने तैयारी शुरू कर दी है. भारतीय सेना ने भारत-चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के नजदीक नई ऑपरेशनल कमांड स्थापित करने का फैसला लिया है. यह डिविजन लेवल की नई ऑपरेशनल कमांड हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से सटी चीन सीमा पर स्थापित की जाएगी. सेना का मानना है कि चीन की आक्रमकता को देखते हुए हिमाचल और उत्तराखंड के सीमावर्ती इलाके सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील हैं.

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 344 किमी लंबी भारत-चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) है. फिलहाल भारत-चीन नियंत्रण रेखा पर नई ऑपरेशनल कमांड की इस योजना को सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों ने इंडिया टुडे से बातचीत में इसकी पुष्टि की है. इस नई ऑपरेशनल कमांड के स्थापित करने का मकसद चीन से सटी सीमा पर ज्यादा से ज्यादा सुरक्षा बलों की तैनाती करना है.

सेना के आंतरिक आंकलन के बाद चीन सीमा से सटे हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के इलाकों में सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ाने के लिए यह निर्णय लिया गया है. सेना के आंकलन में यह बात सामने आई कि सुरक्षा के लिहाज से भारत-चीन सीमा से सटे हिमाचल-उत्तराखंड सेक्टर बेहद संवेदनशील हैं. डोकलाम विवाद के बाद हिमाचल-उत्तराखंड सेक्टर से सटी भारत-चीन सीमा पर दोनों परमाणु संपन्न देशों के बीच टकराव हो सकता है.

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इसकी वजह यह है कि हिमाचल-उत्तराखंड सेक्टर के बाराहोती और पुलाम सुमदा ऐसे इलाके हैं, जहां भारत और चीन के बीच विवाद चल रहा है.  26 जुलाई को बाराहोती में चीनी सेना के घुसपैठ की थी, लेकिन आईटीबीपी के कड़े विरोध के बाद चीनी सेना को वापस लौटना पड़ा था. बताया जा रहा है कि चीनी सेना के करीब 200-300 जवान भारतीय सीमा में 300 मीटर तक अंदर घुस आए थे. मालूम हो कि इस इलाके में भारत और चीन को लेकर विवाद चल रहा है.

भारतीय सेना नई ऑपरेशनल कमांड स्थापित करने के साथ ही हिमाचल और उत्तराखंड सेक्टर के चीन सीमा से सटे इलाकों तक सड़क निर्माण का काम भी तेजी से कर रही है. लेफ्टिनेंट जनरल विजय सिंह ने बताया कि साल 2022 तक लिपुलेह, थांग ला, निति और सांगचोक ला और साल 2024 तक मंगशा धुरा और लम्पिया धुरा को प्राथमिकता से सड़क मार्ग से जोड़ा जाएगा.

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