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स्पेशल पुलिस ऑपरेशन टीम के गठन को यूपी सरकार की मंजूरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने अपराधों और आतंकवाद पर लगाम लगाने के लिए स्पॉट (स्पेशल पुलिस ऑपरेशन टीम) के गठन को मंजूरी दे दी है. इस टीम में 694 कमांडो होंगे जो एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड) की निगरानी में कार्य करेंगे. स्पॉट का गठन प्रदेश के सभी जिलों के लिए किया जायेगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपराध और आतंकवाद पर कंट्रोल करने के लिए सभी 75 जिलों में स्पॉट टीम (स्पेशल पुलिस ऑपरेशन टीम) को मंजूरी दे दी है। ये कमांडो अपने-अपने जिलों में होने वाली  हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखेंगे।

सरकार ने स्पॉट टीम की मंजूरी के साथ ही एटीएस में 316 नए पद भी बनाए हैं। अभी तक एटीएस में कुल 264 पद थे, अब 580 पद हो गए हैं।  अभीतक  एटीएस अपने थाने पर दर्ज मुकदमों की विवेचना और पैरवी खुद करती है। मैन पावर की कमी होने की वजह से उन्हें काफी दिक्कतों को सामना करना पड़ता था। अब स्पॉट टीम के बन जाने से उन्हें राहत मिलेगी। अब ये टीम टीम जिलों में रहकर हर आतंकवादी गतिविधियों पर नजर रखेगी। किसी भी बड़ी घटना पर ATS के पहुंचने से पहले ही यह टीम पॉजिशन ले लेगी। यही नहीं साइबर क्राइम से सम्बंधित केसों को हल करने में भी स्पॉट टीम मदद करेगी.

स्पॉट टीम को प्रदेश में ख़तरनाक ऑपरेशन्स को ऑपरेट करने के लिए बनाया गया है। स्पॉट टीम टैक्टिस (रणनीति) और अनुसंधान पर काम करते हुए प्रदेश में कानून व्यवस्था को बेहतर करने का भी काम करेगी।  ये टीम आतंकवाद और अपराध के विरुद्ध पूरे प्रदेश में कहीं भी कार्रवाई कर सकती है। । ये टीम हाई टेक्निकल हथियारों से लैस की गई है। इसमें MP-4 और AK-47 जैसे अत्याधुनिक हथियार शामिल हैं.

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स्पॉट टीम को एटीएस के स्पेशल ट्रेनिंग विंग ने कमांडो ट्रेनिंग दी थी। टीम को ट्रेनिंग भी ATS के स्पेशल ट्रेनर ने दी।  अमौसी स्थित ट्रेनिंग सेंटर में स्पॉट टीम को स्पेशल कमांडो ट्रेनिग दी गई। इसमें पहले फेज में आगरा और वाराणसी जोन के सिलेक्टेड 42 पुलिस कर्मियों को शामिल किया गया था।  इस टीम में 2 सीओ, 2 एसआई, और 38 कांस्टेबल शामिल किया गए। ट्रेनिंग में उन्हीं को शामिल किया गया, जिनका क्राइम ब्रांच या थानों में तैनाती के दौरान अपराध नियंत्रण में सराहनीय योगदान रहा हो।  ट्रेनिंग में फिजिकल लेवल को भी विशेष महत्व देते हुए चयन किया गया था। ट्रेनर के मुताबिक, ”कमांडो को दुश्मन से निपटने के लिए हर तरह से प्रशिक्षित  किया गया है। उन्हें आतंकवादियों को टैकल करने की ट्रेनिंग भी दी जा रही है.

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