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माया की अपेक्षा अखिलेश सरकार में पुलिस पर हमले ज्यादा

Akhilesh3लखनऊ। मायावती सरकार की अपेक्षा अखिलेश सरकार के कार्यकाल में पुलिस कर्मियों पर हमले बढ़े हैं। सरकार की ओर से यह जवाब बीजेपी सदस्य डॉक्टर राधा मोहन दास अग्रवाल के सवाल पर दिया गया। हालांकि, सरकार ने तर्क दिया कि पिछले सरकार में तो पुलिस पर हमले की एफआईआर तक दर्ज नहीं होती है।

इस सरकार में मामले रजिस्टर तो हो रहे हैं, इसलिए संख्या बढ़ी है। डॉक्टर अग्रवाल ने पूछा था कि 2012-13 से 2015-16 के बीच पुलिस कार्रवाई में कितनी मौतें हुईं। कितनी मौतें पुलिस थानों में हुईं। 2007 से लेकर 2015 तक पुलिस पर कितने आक्रमण हुए?

संसदीय कार्यमंत्री आजम खा ने जवाब दिया वर्ष 2012-13 में पुलिस कार्रवाई में एक और थाने में कोई मौत नहीं हुई। 2013-14 में पुलिस कार्रवाई और थाने पर नौ-नौ मौतें हुईं। 2014-15 में पुलिस कार्रवाई में पांच, थाने पर तीन और 2015-16 में कार्रवाई में पांच व थाने पर एक मौत हुई।

पुलिस पर हमलों के आंकड़े (सदन में पेश)

2007-08 75

2008-09 101

2009-10 103

2010-11 124

2011-12 144

2012-13 202

2013-14 265

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2014-15 300

2015-16 278

भटकाऊ और घुमाऊ मंत्रालय
बीजेपी नेता सुरेश खन्ना ने सवाल किया कि क्या सरकार शहीदों के लिए एक जैसी पॉलिसी अपनाएगी? जवाब देने के बजाए संसदीय कार्यमंत्री ने उल्टा बीजेपी को घेरना शुरू कर दिया। कहा कि आपके प्रधानमंत्री निवेश के लिए विदेश जाते हैं और वहां कहते हैं कि उन्हें खुद को हिन्दुस्तानी कहने में शर्म आती है। कहा कि कब तक दोहरी जिंदगी जिएंगे।

उन्होंने कहा, ‘आप पॉलिसी की बात करते हैं, जब फ्रांस के राष्ट्रपति आए तो ऐसे ही आ गए और रेगिस्तान के एक टुकड़े से कोई आया, तो पीएम दोनों हाथ फैला कर एयरपोर्ट पहुंच गए। इस जवाब पर सुरेश खन्ना ने अध्यक्ष से आग्रह किया कि मंत्री जी जवाब न देकर सवाल भटका रहे हैं। इनके लिए एक भटकाऊ और घुमाऊ मंत्रालय बनवा दीजिए।

बीजेपी का वॉकआउट
कांग्रेस विधायक अनुग्रह नारायण सिंह के आगरा के एनआरआई सम्मेलन से संबंधित सवाल पर राज्यमंत्री राममूर्ति वर्मा ने जानकारी दी कि चार जनवरी को आगरा में आयोजित इस सम्मेलन में 231 अप्रवासी भारतीयों को यूपी सरकार ने अपनी नीतियों की जानकारी देने और उन्हें उनकी मातृभूमि से जोड़ने के उद्देश्य से बुलाया गया था।

कांग्रेस और बीजेपी सदस्यों ने सरकार ने जानना चाहा कि बिना उनका निवेश करवाए सरकार कैसे उन्हें मातृभूमि से जोड़ रही है, तो सरकार की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं आया। इससे नाराज बीजेपी सदस्यों ने सदन का वॉकआउट किया।

…दिल जलाकर रख दिया
स्वच्छता अभियान के तहत नगर पालिका परिषदों में सीवर लाइनों का स्थापना के बीजेपी सदस्य विमला सोलंकी के सवाल पर आजम खां ने कहा भारत सरकार की अमृत योजना के तहत प्रदेश के 61 नगरों और 47 नगर पालिका परिषदों में सीवर व्यवस्था स्थापित होनी है। ‘हमने तो दिल जला कर रख दिया, अब जिसका जी करे आए लेले रोशनी’ जवाब के साथ शेर पढ़ते हुए आजम ने कहा सेंट्रल पैसा दे दे तो काम शुरू हो जाएगा।

विधायक की सिफारिश पर खर्च हो निधि
संसदीय कार्यमंत्री आजम खां ने कहा कि अवस्थापना निधि और विकास शुल्क अभी तक डीएम और मंडलायुक्त की सिफारिश पर खर्च होता था। वह कोशिश करेंगे कि यह धन स्थानीय विधायकों की सिफारिश पर खर्च हो। (बीजेपी नेता सुरेश खन्ना के सवाल पर )

कबूतरबाजी के 28 मामले
सरकार ने जवाब दिया कि विदेशों में नौकरी देने के नाम पर बेरोजगारों को ठगने वाले और विदेशों में उनसे अमानवीय कार्य करवाने वाले गिरोहों के खिलाफ 2015 में कुछ 27 मामले दर्ज हुए। इनमें 72 लोग नामजद हुए और तीन लोगों के नाम जांच में सामने आए। पुलिस ने इनमें 11 मामलों में आरोप पत्र लगाया है, जबकि 11 मामले अभी विचाराधीन हैं।

कोर्ट के आदेश पर नियुक्ति
सरकार ने जवाब दिया कि शिक्षकों की नियुक्ति में शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण लोगों की भर्तियां अदालत के आदेश पर की जा रही हैं। 2012 से लगातार इसका पालन किया जा रहा है। अब तक प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण 60,750 शिक्षकों की नियुक्ति की गई।

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