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मोदी के नजरिये से पूरा होगा विश्व गुरू बनने का सपना

राजेश श्रीवास्तव

आजादी के बाद यह शायद पहला मौका है जब किसी प्रधानमंत्री का जन्मदिन मनाने के लिए पार्टी के अलावा अन्य वर्ग भी सामने आये हैं। हालांकि इससे पहले भी प्रधानमंत्रियों के जन्मदिन हर्षोल्लास के साथ मनते रहे हैं, लेकिन इनका आयोजन केवल संबंधित पार्टी या संगठन के लोग करते रहे हैं। यह पहली बार है जब देश के कई स्कूलों ने प्रधानमंत्री का जन्मदिन मनाने का ऐलान कर रखा है।

जबकि सरकार की ओर से ऐसा करने की कोई मुनादी नहीं की गयी है। इसके बावजूद राजधानी के कई प्रमुख स्कूलों ने अपनी मर्जी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन मनाने का ऐलान कर रखा है। दरअसल इसके पीछे का कारण जानने का प्रयास किया गया तो जो सच सामने आया उसके मुताबिक शिक्षाविदों का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से आज देश जिस मुकाम पर पहुंचा है उससे आने वाली पीढ़ी का भविष्य बहुत उज्जवल है।

उनका मानना है कि इसीलिए हम बच्चों को उनके बारेे मंे अधिक से अधिक जानकारी देकर उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। शिक्षाविदों का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस तरह के फैसले कर रहे हैं वह देश और समाज के लिए बहुत उपयोगी साबित होने वाले हैं। प्रदेश की बेसिक शिक्षा मंत्री के मुताबिक 17 सितंबर को बच्चों को स्वच्छता संदेश दिया जाएगा जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए जन्मदिन का सबसे बड़ा तोहफा होगा।

अनुपमा जायसवाल के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वच्छ भारत का सपना पूरा करने के लिए बच्चों के बीच जागरूकता होना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा, ‘यह समारोह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए सबसे बड़ा तोहफा होगा।’ उधर, उत्तर प्रदेश के भाजपा प्रवक्ता हरीश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। क्योंकि उन्होंने जीवन में काफी संघर्ष किया है और आज वे दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में सबसे शक्तिशाली व्यक्ति हैं। उनके मुताबिक प्राथमिक विद्यालयों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन समारोह आयोजित करने से बच्चों में साफ-सफाई और जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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दरअसल हमेें समझना होग कि क्यों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का परचम हर रोज लहराता जा रहा है। प्रधानमंत्री की दूरगामी नीतियां देश के लिए तात्कालिक रूप से भले ही लाभकारी नहीं साबित होती दिख रही हैं। लेकिन विश्लेषकों की मानें तो यह दूरगामी परिणाम देने वाली हैं। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीति के चलते आज देश ने चीन के मुद्दे को बड़ी सरलता से हल कर लिया। डोकलाम के मुद्दे पर भारत के सख्त रवैये के चलते चीन को झुकना पड़ा। प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स सम्मेलन में जिस तरह दृढ़ता के साथ आतंकवाद के मुद्दे पर चीन और पाकिस्तान को कठघरे में खड़ा किया।

उससे देश के नजरिये को बल मिला। चाहे नोटबंदी का मुद्दा हो, चाहे जीएसटी की बात हो या फिर विदेश मुद्दा या फिर सैन्य सुरक्षा की बात हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी सोच के चलते जिस तरह देश का सिर गर्व से ऊंचा किया है, उससे साफ है कि शायद इसीलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन मनाने के लिए कई स्कूल-कालेजों व आम जनमानस ने अपनी ओर से पहल की है। हालांकि पहले इसके लिए राज्य सरकार की ओर से 17 सितंबर को रविवार होने के बावजूद स्कूल खोलने का आदेश दिया गया था। लेकिन इसे अब वापस ले लिया गया है और इसे स्कूलों के विवेेक पर छोड़ दिया गया हैै।

राजधानी के सबसे बड़ी स्कूल श्रृंखला सिटी मांटेसरी स्कूल के संचालक जगदीश गांधी कहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मेक इन इंडिया की बात करके पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन कर रहे हैं। प्रधानमंत्री के चलते ही पूरी दुनिया में आज भारत का नाम गर्व से लिया जाता है। विश्व गुरू बनने का सपना हम अब पूरा करने की स्थिति में अपने आप को देख पा रहे हैं। यह निश्चित रूप से प्रधानमंत्री के नजरिये की परिकल्पना का ही परिणाम है कि पूरा देश प्रधानमंत्री का जन्मदिन मनाने को खुद से आतुर है।

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