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BIG NEWS-मोदी राजनाथ सिंह को गृहमंत्री से हटाकर बनाना चाह रहे थे रक्षामंत्री लेकिन राजनाथ के आगे एक न चली……..

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मोदी अपने आख़री और सबसे बड़े फेरबदल में एक ऐसा फेरबदल करना चाह रहे थे जो संघ के  बड़े नेताओं को भी स्वीकार नही था। मसला जब ज़्यादा बड़ा  तो गृह मंत्री  राजनाथ सिंह ने सरकार छोड़कर संगठन में काम करने तक की बात कह डाली।मोदी और राजनाथ की इस टसल  का लाभ अब नितिन गड़करी को मिल रहा है  जिन्हें मजबूरी में मोदी को आगे बढ़ाना पड़ रहा है।भीतर ही भीतर अरुण जेटली और सुषमा स्वराज भी मोदी के बदले हुए व्यवहार से खिन्न है।

सूत्रों के मुताबिक़ पीएम  मोदी इस फेरबदल में एक बड़ा उलटफेर चाह रहे थे। वे सरकार में नम्बर दो  यानी राजनाथ सिंह  को गृह मंत्री की ज़िम्मेदारी से मुक्त करके उन्हें रक्षा मंत्री बनाना चाहते थे।सूत्रों का कहना है कि राजनाथ सिह को मोदी की मंशा कतई पसंद नही थी और उन्होंने संकेत दे दिए कि  अगर उनसे गृह मंत्रालय  लिया गया तो बेहतर होगा वे सरकार छोड़कर संगठन का काम करें। राजनाथ जिन्हें संघ के कयी बड़े नेताओं का खुला समर्थन है अपनी बात पर अडिग रहे।

ख़बर लिखे जाने तक इस बात की पुष्टि नही हुई है कि   देश का नया रक्षामंत्री किसी बनाया जाएगा फ़िलहाल संघ के दबाव में राजनाथ अपने वर्तमान पद पर ही रहेंगे ऐसे संकेत मिल रहे है। सूत्रों के मुताबिक़ मोदी चाह रहे  थे कि  वित्त से अरुण जेटली को खिसकाकर उन्हें गृह  का काम दिया जाए क्यूँकि जम्मू एवं कश्मीर में सरकार कुछ बड़े फ़ैसले  लागू करने जा रही है।दरअसल  जेटली की संघ में उतनी पैठ नही है  जितनी  राजनाथ की है।

राजनाथ केभगवा रसूख़ से असुविधा महसूस

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राजनाथ तीन बार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संघ के हाथ रखने  पर ही बनाए गये थे। मोदी, जो ख़ुद संघ के प्रचारक रहे, राजनाथ के इस भगवा रसूख़ से असुविधा महसूस करते आए हैं। बहरहाल  दो महीने से देश में होने वाली एक के बाद एक घटनाओं से राजनाथ से कहीं ज़्यादा मोदी की साख पर सवाल लगे हैं।

लोग ये भी कहने लगे कि  यूपी से लेकर हरियाणा और मध्य प्रदेश से लेकर राजस्थान में जिस तरह पार्टी का ग्राफ़ गिरता जा रहा है  उससे शाह  और मोदी का २०१९ के लिए ३६० का लक्ष्य यथार्थ से ज़्यादा प्रचार का हिस्सा लगता है।बहरहाल राजनाथ भारी पड़ते हैं या मोदी, इसका अंदाज़ा अब मंत्रिमंडल की  शपथ के बाद विभागों के आवंटन से पता लगेगा।

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