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क्यों डूबी मुंबई? जानें मायानगरी पर आगे और क्या है खतरा

मुंबई। मुंबई में मंगलवार को हुई जमकर बारिश से पूरा शहर जलमग्न हो गया पानी-पानी हो गया। सुबह शुरू हुई बारिश रात को 9 बजे तक लगातार जारी रही। भरी बारिश की वजह से पॉश और कारोबारी इलाकों में पानी भर गया इस कारण स्कूलों में छुट्टी कर दी गई। कर्मचारियों को पहले ही घर जाने के लिए कह दिया गया। फिलहाल मुंबई की ‘लाइफ लाइन’ ने जिंदगी को पटरी पर लाने की कोशिश की है।

वेस्टर्न लाइन पर लोकल ट्रेन की सेवा शुरू हो गई है। इसके अलावा सेंट्रल रेलवे ने कुर्ला से डोंबिवली के बीच भी रेल सेवा शुरू करने का ऐलान किया है। हालांकि, हार्बर लाइन पर अब भी अच्छा खासा पानी भरा हुआ है। आज स्कूल और कॉलेजों को बंद रखने का आदेश दिया गया है। इस बीच बुधवार को भी बारिश होने का अनुमान जताया गया है।

एक बार फिर हो सकती है भारी बारिश
मौसम विभाग ने आशंका जताई है कि मुंबई, कोंकण, दक्षिण गुजरात, गोवा और पश्चिमी विदर्भ में अगले 24 से 48 घंटों में एक बार फिर से भारी बारिश हो सकती है। पुणे स्थित मौसम विभाग के क्लाइमेट मॉनिटरिंग और एनालसिस के हेड एके श्रीवास्तव ने कहा, ‘यह गंभीर स्थिति है। हमने संबंधित विभागों को जरूरी चेतावनी जारी की है।’

10 फीसदी बारिश सिर्फ एक दिन में
मौसम विभाग ने इस भारी बारिश के बारे में बताया, कि यदि आपके शहर में सीजन की कुल बारिश का 10 फीसदी एक ही दिन में हो जाए, तो सैलाब आना तय हो जाता है। मुंबई में भी यही हुआ। अब तक मुंबई में सीजन की तकरीबन 85 प्रतिशत बारिश हो चुकी है।

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जानें इन इलाकों में हुई कितनी बारिश?
मंगलवार की सुबह 10 से शाम 6 बजे के बीच भायकला में 298 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं, वडाला में 288 मिमी तो वर्ली 286 मिमी तथा पवई में 281 मिमी बारिश दर्ज की गई। सांताक्रूज में 280 मिमी, परेल में 260 मिमी, बांद्रा में 231 मिमी, अंधेरी वेस्ट में 267 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। इसके अलावा कुर्ला में 220 मिमी, भांडुप में 217 मिमी, चेंबूर में 216 मिमी, मरोल में 214 मिमी बारिश दर्ज हुई। पार्ले ईस्ट में 208 मिमी, गोरेगांव और पार्ले वेस्ट में 201 मिमी बारिश हुई है।

2005 की दिलाई याद
मंगलवार की भारी बारिश ने देशवासियों को 26 जुलाई, 2005 का दिन याद करा गया। बता दें कि 12 साल पहले भी ऐसा ही दिन था, जब करीब 100 लोगों को भारी बारिश के चलते जान गंवानी पड़ी थी और हजारों लोग अपने घर तक नहीं पहुंच सके थे।

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