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फ्रीडम ऑफ स्पीच: धोनी ने कहा- सरहद पर सेना है इसलिए बहस भी कर पा रहे हैं

dhoni mनई दिल्ली। भारत में फ्रीडम ऑफ स्पीच पर जारी बहस पर टीम इंडिया के कैप्टन महेंद्र सिंह धोनी ने ट्वीट के जरिए अपना नजरिया रखा है। धोनी ने रविवार को दो ट्वीट किए हैं। उन्होंने लिखा है कि देश की सरहदों पर हमारी सेना चौकस रहती है, उसकी सिक्युरिटी का भरोसा पाकर ही हम फ्रीडम ऑफ स्पीच पर बहस करने लायक हैं।
खुद से पहले देश
– अपने दूसरे ट्वीट में धोनी ने आर्मी और स्पेशल फोर्स के कमांडोज की तारीफ करते हुए लिखा- स्पेशल फोर्स और कमांडोज यूनिट में हमारे और आपके जैसे ही ही नॉर्मल लोग होते हैं, लेकिन वे हाईली मोटिवेटेड और ट्रेंड होते हैं, जिनके लिए खुद से पहले देश होता है।
– धोनी ने ये दोनों ट्वीट 21 फरवरी को सुबह 11:36 और 11:40 पर किए हैं।
JNU और जाधवपुर की घटनाओं पर और भी प्लेयर जता चुके हैं नाराजगी
– धोनी इंडियन आर्मी में ऑनरेरी लेफ्टिनेंट कर्नल की पोस्ट पर हैं।
– धोनी से पहले जेएनयू मामले पर क्रिकेटर शिखर धवन तिरंगा फहराए जाने के सपोर्ट में अपना बयान दे चुके हैं।
– दिल्ली रणजी टीम के कैप्टन और पूर्व इंडियन ओपनर गौतम गंभीर भी JNU और जाधवपुर यूनिवर्सिटी की घटना पर अपना विरोध दर्ज करा चुके हैं।
– इसके अलावा रेसलर योगेश्वर दत्त भी फ्रीडम ऑफ स्पीच के नाम पर भारत विरोधी नारेबाजी करने वालों का विरोध कर चुके हैं।
देशद्रोह के नारों के खिलाफ सड़क पर उतरे पूर्व सैनिक
– JNU में अफजल गुरु के समर्थन में और पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए जाने के विरोध में रविवार को एक्स आर्मी ऑफिसर भी दिल्ली की सड़कों पर उतरे।
– पूर्व सैनिकों ने राजघाट से लेकर पार्लियामेंट स्ट्रीट तक ‘मार्च फॉर यूनिटी’ निकाला।
– मार्च में तीनों सेनाओं के पूर्व सैनिक शामिल हुए।
– पूर्व सैनिकों ने कहा कि JNU में लगाए गए राष्ट्र विरोधी नारे उन शहीदों का अपमान है जो देश के लिए बॉर्डर पर अपनी जान देते हैं।
– गौरतलब है कि JNU के मामले में बीजेपी भी 18 से 20 फरवरी तक देश भर में ‘जन स्वाभिमान अभियान’ चला चुकी है।
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