Tuesday , November 24 2020
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जाट आरक्षण: भीड़ ने गन्नोर स्टेशन में लगाई आग, हालात बेकाबू

standsचंडीगढ़/फरीदाबाद/नई दिल्ली। जाट आरक्षण को लेकर एक हफ्ते से चल रहे आंदोलन में तमाम कोशिशों के बाद भी हालात बेहद हिंसक और संवेदनशील बने हुए हैं। हरियाणा के कई हिस्सों में कर्फ्यू लगा हुआ है, वहीं राज्य भर में हो रही हिंसा में अब तक 10 लोग मारे जा चुके हैं।
रविवार को भीड़ ने गन्नोर रेलवे रेलवे स्टेशन को भी फूंक दिया है। इससे पहलेे रविवार सुबह ही उपद्रवियों ने बसाई रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर पर आग लगा दी। भीड़ अब तक 9 रेलवे स्टेशनों को आग जला चुकी है। उधर फरीदाबाद के होडल बंचारी में भीड़ ने राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों के मोबाइल छीन लिए। मीडियाकर्मियों को भी फोटो खींचने से रोका गया।

राज्य के डीजीपी वाई.पी. सिंघल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जनता से शांति की अपील की है। उन्होंने लोगों से सड़क और रेल पटरियों से हटने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि झज्जर और रोहतक में बड़ी संख्या में सेना मौजूद है। सिंघल ने कहा कि पुलिस ने अब तक 45 लोगों को गिरफ्तार किया है। हिंसा में मारे गए लोगों की संख्या डीजीपी ने 10 बताई।

दिल्ली में बने जल संकट के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि राजधानी के लिए पानी की आपूर्ति को बहाल करना अभी प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उधर राज्य के जाट और खाप नेता आज दोपहर 3 बजे गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात करेंगे।

सेना की भारी तैनाती के बाद भी हिंसा की लहर दूर-दराज के इलाकों से लेकर गुड़गांव तक फैल गई है। शुक्रवार से हो रही मौतों की संख्या रविवार को 10 पहुंच गई। राज्य के अलग-अलग अस्पतालों में 80 से भी ज्यादा हिंसा से घायल लोगों को भर्ती कराया गया है।


बवालियों सोनीपत में दुकान का शटर तोड़कर लूटपाट की और आग लगा दी। कई जगह ATM और दुकानों को लूटा गया है…

कैबिनेट सचिव पी.के. सिन्हा ने विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हरियाणा में कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव और केंद्र सरकार के संबंधित कर्मचारी भी मौजूद थे। सिन्हा ने दिल्ली में पानी आपूर्ति को फिर से बहाल किए जाने को सर्वोच्च वरीयता देने का निर्देश दिया। मनका बांध में प्रदर्शनकारी भीड़ के द्वारा तोड़-फोड़ किए जाने के कारण दिल्ली पर जल संकट का आफत टूट पड़ा है।

कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान सिन्हा को बताया गया कि हरियाणा में हालात तेजी से सामान्य होने की दिशा में लौट रहे हैं। रेवाड़ी और झज्जर के बीच के बीच की सड़क फिर से खुल गई है। सिन्हा ने हिंसा कर रहे प्रदर्शनकारियों व असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने का निर्देश जारी किया।

पानीपत ने प्रदर्शन कर रहे दंगाइयों ने इमारत में आग लगा दी…

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रोहतक, भिवानी, झज्जर, जींद, हिसार, हांसी, सोनीपत और सोनीपत के गोहाना में कर्फ्यू लगा हुआ है। शनिवार रात को प्रदर्शनकारियों ने एक एटीएम को आग लगाकर फूंक डाला। भिवानी जिले के लोहारु में स्थित एक सहकारी बैंक में आग लगाकर आधिकारिक रेकॉर्ड को जला दिया गया।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि वे एक समिति बनाकर सरकार के साथ बातचीत के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा, ‘भीड़ के साथ किसी तरह की बातचीत नहीं हो सकती है।’ प्रदर्शनकारियों से अपना आंदोलन खत्म करने की अपील करते हुए सीएम ने कहा कि ‘लोग अपने घरों को लौट जाएं। सरकार ने उनकी मांगों को स्वीकार कर लिया है।’ हालांकि उन्होंने मांग मान लिए जाने के बारे में दिए गए बयान का कोई ब्योरा नहीं दिया।


हिंसा से सबसे ज्यादा प्रभावित जगहों में से एक रोहतक में फ्लैग मार्च कर शांति बहाल करने की कोशिश करते हुए सेना के जवान…

ज्यादातर जाट नेताओं ने यह आंदोलन तबतक खत्म ना करने की बात कही, जब तक कि सरकार जाट समुदाय को आबीसी वर्ग में शामिल नहीं कर लेती। उधर हरियाणा के पूर्व सीएम बी.एस. हुड्डा ने कहा कि प्रदर्शनकारी जाट समुदाय के लोगों से कानून-व्यवस्ता बनाए रखने और विरोध वापस लेने की अपील करने के लिए वह रविवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल शुरू करेंगे।

उन्होंने कहा, ‘इस विरोध ने ऐसा मोड़ ले लिया है कि इससे किसी का फायदा नहीं होने वाला है। कुछ लोग मारे भी गए हैं और मैं उनके प्रति संवेदनाएं प्रकट करता हूं, लेकिन जिस तरह से पूरे हालात बेकाबू हो गए हैं उससे संपत्ति का भी बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है।’

हरियाणा भर में रेल और सड़क परिवहन ठप हो गया है। दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, चंडीगढ़ समेत कई पड़ोसी राज्यों में भी इसका बहुत असर पड़ रहा है। इन राज्यों का परिवहन भी प्रभावित हुआ है। हरियाणा से होकर गुजरने वालीं कई ट्रेनें रद्द हो गई हैं। प्रदर्शनकारियों द्वारा जगह-जगह सड़कें खोद देने और बंद कर देने के कारण सड़क यातायात भी बहुत ज्यादा प्रभावित हुआ है।

जाट आंदोलन के कारण 800 से भी ज्यादा ट्रेनों की सेवा पर असर पड़ा है। प्रदर्शनकारियों ने राज्य भर के 7 से भी ज्यादा स्टेशनों को जला दिया है। कई जगह भारी तोड़फोड़ की गई है। झज्जर, बूढ़ा खेड़ा, जुलाना, पिल्लू खेड़ा सहित 7 रेलवे स्टेशनों को भीड़ ने जला दिया।

देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारूति ने अपने गुड़गांव और मानेसर प्लांट में कामकाज अस्थायी तौर पर बंद कर दिया है।

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