Tuesday , November 24 2020
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जाट आंदोलन: दिल्ली में पानी खत्म, बंद करने पड़े सभी स्कूल

सिम्बॉलिक इमेज।
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नई दिल्ली। दिल्ली जल बोर्ड के अध्यक्ष कपिल मिश्रा ने बताया कि राजधानी में पानी बिल्कुल खत्म हो चुका है। उन्होंने बताया कि आज सुबह जो पानी की आपूर्ति की गई, वह दिल्ली के पास बचे पानी का अंतिम स्टॉक था। हरियाणा में जाट आंदोलन की वजह से दिल्ली पर पानी का संकट गहरा गया है। इसे लेकर मुख्यमंत्री केजरीवाल ने अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ एक आपातकालीन बैठक की। कपिल मिश्रा ने ट्वीट कर लोगों को जल संकट की गंभीरता के बारे में बताया और उनसे शांति बरतने की अपील की। उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार ने इस संकट का हल निकालने के लिए सुप्रीम कोर्ट, केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार से संपर्क किया है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राजधानी में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, भारत के मुख्य न्यायाधीश, रक्षा संस्थानों, अस्पतालों और दमकल को छोड़कर सभी जगहों पर पानी आपूर्ति में बराबर कटौती किए जाने का फैसला किया गया है। केजरीवाल ने कहा कि सभी लोगों के लिए पानी का समान वितरण किया जाएगा। लोगों से अपील की गई है कि वे सावधानी व किफायत से पानी का इस्तेमाल करें।

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली के पास पानी नहीं बचा है। उन्होंने बताया कि फिलहाल दिल्ली को पानी मिलने की उम्मीद भी नहीं है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने सोमवार को दिल्ली के सभी निजी व सरकारी स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है। मालूम हो कि हरियाणा में आरक्षण की मांग को लेकर हिंसक प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों ने मुनक नहर को क्षति पहुंचाई थी।

 दिल्ली सरकार ने इस मामले में शनिवार को सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। सरकार ने याचिका दायर कर जल्द-से-जल्द पानी आपूर्ति को बहाल किए जाने का आग्रह किया था। अदालत ने याचिका स्वीकार कर ली थी। इस मामले पर आज सुनवाई होनी है। पानी संकट पर मनीष सिसोदिया ने शनिवार शाम को गृहमंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात की थी। सिसोदिया ने अपनी मुलाकात में इस मसले पर तत्काल कार्रवाई किए जाने की जरूरत पर जोर दिया था।

इससे पहले शनिवार को कपिल मिश्रा ने बताया था कि मुनक नहर बंद हो जाने से दिल्ली की लगभग 60 फीसद पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। उन्होंने बताया था कि अगर मुनक नहर से पानी की आपूर्ति को जल्द ही शुरू नहीं कराया गया, तो दिल्ली में संकट और भी गहरा सकता है।

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को कहा था कि दिल्ली के पास सिर्फ रविवार तक का पानी है, उसके बाद सरकार पानी की आपूर्ति नहीं कर सकेगी। उन्होंने बताया था कि सिर्फ 2 प्लांट चालू हैं। भागीरथी प्लांट की क्षमता 107 एमजीडी की है और सोनिया विहार स्थित प्लांट की क्षमता 143 एमजीडी है। यही दोनों प्लांट काम कर रहे हैं। इन दोनों प्लांट में पानी की आपूर्ति गंगा नहर से होती है।

मुनक से पानी नहीं आने के कारण दिल्ली को लगभग 300 एमजीडी (मिलियन गैलन) पानी की कमी होगी। दिल्ली का सबसे बड़ा वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट हैदरपुर (226 एमजीडी) भी ठप हो गया है। 40 एमजीडी की क्षमता वाला नांगलोई, 10 एमजीडी की क्षमता वाला ओखला, 15 एमजीडी क्षमता वाला बवाना और 10 एमजीडी क्षमता वाले द्वारका प्लांट पर सीधा असर हुआ है। इन पांचों प्लांट के अलावा वजीराबाद और चंद्रावल प्लांट भी ठप पड़ गए हैं। ऐसा पहली बार हुआ है कि दिल्ली के ये सातों प्लांटों की सेवा बंद हो गई है।

इन इलाकों में ज्यादा दिक्कत

लगभग दो-तिहाई दिल्लीवालों को जल संकट झेलना पड़ेगा। उत्तरी, पश्चिमी और केंद्रीय दिल्ली के इलाकों में पानी का गंभीर संकट होगा। केवल दक्षिणी और पूर्वी दिल्ली में स्थिति बेहतर होगी। मुनक पानी छोड़ता है, तो भी तुरंत परेशानी कम नहीं होगी। गेट के मरम्मत और बाकी मशीनरी के लिए समय लगेगा। मालूम हो कि शनिवार को उम्मीद जताई जा रही थी कि हरियाणा में स्थिति काबू में करने के लिए सेना को भेजे जाने के बाद मुनक बांध पर स्थितियां सामान्य हो जाएंगी।

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