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कोर्ट में लॉ-एंड ऑर्डर को लेकर SC चिंतित, वकीलों से कहा-बयानबाजी न करें

umar33नई दिल्ली। जेएनयू में देश विरोधी नारेबाजी के मामले में नया खुलासा हुआ है। इंटेलिजेंस ब्यूरो की रिपोर्ट के हवाले से दावा किया गया है कि संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु के सपोर्ट में कई यूनिवर्सिटी में शो होने वाला था। जेएनयू का स्टूडेंट यूनियन लीडर उमर खालिद इसकी तैयारी कर रहा था। खालिद ने अपनी टीम भी अलग-अलग शहरों में भेजी थी। हालांकि, आईबी की रिपोर्ट में देशद्रोह के आरोप में अरेस्ट एक और स्टूडेंट लीडर कन्हैया कुमार का नाम नहीं है।
जेएनयू में देश विरोधी नारे लगाने के आरोप में अरेस्ट स्टूडेंट यूनियन के लीडर कन्हैया कुमार को बुधवार को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया।
– आरोप है कि कन्हैया और खालिद ने 9 फरवरी को जेएनयू में कल्चरल इवनिंग के नाम पर एक प्रोग्राम किया, जिसमें अफजल गुरु और कश्मीर की आजादी के सपोर्ट में नारेबाजी की गई।
– कोर्ट ने उसे 2 मार्च तक ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया है। पेशी के दौरान उसके साथ मारपीट हुई। कुछ जर्नलिस्ट से भी हाथापाई हुई।
– कन्हैया की पेशी के वक्त हंगामे को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पांच वकीलों का एक ग्रुप पटियाला हाउस कोर्ट में भेजा था।
– इन वकीलों में कपिल सिब्बल, राजीव धवन, दुष्यंत दवे, एडीएन राव और अजीत सिन्हा शामिल थे।
– हालांकि, पटियाला हाउस कोर्ट में हंगामे को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने वहां कुछ देर के लिए सुनवाई टालने को कहा।
– बाद में सुनवाई बहाल हुई और कन्हैया कुमार को 2 मार्च तक ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया।
– पटियाला हाउस कोर्ट से लौटने के बाद सुप्रीम कोर्ट के पैनल ने कहा, ”कोर्ट में भीड़ ने हमें पाकिस्तान का दल्ला कहा। हमें गालियां दी गईं। कोर्ट में हालात बदतर थे। पैनल के साथ मारपीट की कोशिश की गई।”
अफजल के सपोर्ट में कैसे देश की यूनिवर्सिटीज में शो करने वाला था खालिद?
मेल टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, खालिद ने अफजल के सपोर्ट में प्रोग्राम के लिए बड़ी साजिश रची थी। उसने इसके लिए कश्मीर से एक टीम बुलाई थी।
– बताया जा रहा है कि जेएनयू कैम्पस में नारेबाजी के दौरान इस टीम के लड़कों का रोल था। कश्मीर से आए इन लड़कों को जेएनयू में रखा गया था।
– खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, उमर के तिहाड़ जेल में बंद दिल्ली यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रोफेसर जीएन साईबाबा से रिश्ते हैं।
कौन है उमर खालिद?
– डेमोक्रेटिक स्टूडेंट यूनियन का नेता उमर महाराष्ट्र का रहने वाला है।
– खालिद ने ही 9 फरवरी को संसद पर हमले के गुनहगार अफजल गुरु की बरसी पर प्रोग्राम करवाया था।
– प्रोग्राम की इजाजत रद्द होने के बाद जब डेमोक्रेटिक स्टूडेंट यूनियन और लेफ्ट के लोग जेएनयू में मार्च कर रहे थे, तब उमर उनकी अगुआई कर रहा था।
– बताया जाता है कि जिस वक्त नारे लग रहे थे, उमर न केवल वहां मौजूद था, बल्कि जेएनयू प्रशासन और एबीवीपी के खिलाफ उसने ही नारेबाजी शुरू की थी।
– कन्हैया कुमार के साथ भी उसे कई वीडियो में देखा गया।
– 11 फरवरी को जब एबीवीपी के खिलाफ लेफ्ट के स्टूडेंट्स यूनियन प्रदर्शन कर रही थी, तो उस वक्त उमर और कन्हैया एक साथ थे।
जेएनयू में लगातार माहौल बिगाड़ने की कोशिश करता रहा है खालिद
– एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने एक रिपोर्ट में कहा था कि खालिद के ग्रुप ने ही कैम्पस में देवी-देवताओं की नंगी तस्वीरें लगाकर नफरत पैदा करने की कोशिश की थी।
– खालिद के ग्रुप ने आतंकी अफजल गुरु की फांसी पर जेएनयू कैम्पस में मातम मनाया था।
– नक्सली हमले में सीआरपीएफ जवानों के मारे जाने पर भी इसी ग्रुप ने जेएनयू में जश्न मनाया था।
जेएनयू विवाद में एबीवीपी के तीन स्डूडेंट लीडर ने दिया इस्तीफा
– उधर, जेएनयू मामले में शुरू से विरोध कर रही बीजेपी की स्टूडेंट यूनिट एबीवीपी में विवाद हो गया है।
– हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एबीवीपी के जेएनयू यूनिट के ज्वाइंट सेक्रेटरी प्रदीप नरवाल ने बुधवार को सबसे पहले अपने पोस्ट से इस्तीफा दिया।
– एसएसएस के एबीवीपी यूनिट के प्रेसिडेंट राहुल यादव और एसएसएस के एबीवीपी यूनिट के सेक्रेटरी अंकित हंस ने भी इस्तीफा दे दिया।
– प्रदीप ने फेसबुक पोस्ट के जरिए इस्तीफे का एलान किया।
– नरवाल के मुताबिक, केंद्र सरकार ने मामले को जिस तरीके से हैंडल किया है, वह बेहद दुखद है। यही कारण है कि वे इस्तीफा दे रहे हैं।
कन्हैया के खिलाफ स्पेशल ब्रांच ने जुटाई थी जानकारी…
– एक और मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच ने कन्हैया के खिलाफ सबूत जुटाए थे। इन सबूतों को होम मिनिस्ट्री और दिल्ली पुलिस के सीनियर अफसरों के पास भेजा गया था।
– गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने भी मंगलवार को साफ कहा कि कन्हैया के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं और इन्हें जल्द ही पेश किया जाएगा।
– कन्हैया के खिलाफ अगर देशद्रोह के आरोप साबित होते हैं, तो उसे उम्रकैद हो सकती है।
– दिल्ली पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी ने कन्हैया की गिरफ्तारी को सही बताया है। हालांकि, जेएनयू के कुछ प्रोफेसर उसकी गिरफ्तारी का विरोध कर रहे हैं।
– दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट में कहा गया है कि 9 फरवरी को एक पुलिसवाले ने जेएनयू में कुछ आपत्तिजनक पोस्टर देखे थे। इसके बाद प्रोग्राम की परमिशन कैंसल कर दी गई थी।
– प्रोग्राम कैंसल होने के बाद भी कुछ स्टूडेंट्स जेएनयू के करीब एक ढाबे पर पहुंचे। यहां एबीवीपी के समर्थक भी पहुंचे। दोनों पक्षों ने नारेबाजी की।
– हालांकि, कोई झड़प नहीं हुई। इस दौरान कन्हैया भी मौजूद था।
– दिल्ली पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी ने कहा- “मुझ पर जो उंगली उठा रहे हैं, वो नासमझ हैं। अगर कोई न्यूज एजेंसी ये खबर चलाती है, वो आप नजरअंदाज कर सकते हैं। आप एजेंसी की खबर मान लो या जो इन्वेस्टिगेशन कर रहा है उसकी।”
– बता दें कि होम मिनिस्ट्री के हवाले से पीटीआई ने खबर चलाई थी कि कन्हैया के खिलाफ सबूत नहीं हैं। उसके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा जल्दबाजी में दायर किया गया।
खुफिया रिपोर्ट में कन्हैया का नाम नहीं?
– इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट में होम मिनिस्ट्री के अफसरों के हवाले से दावा किया गया है कि कन्हैया ने देश विरोधी नारे नहीं लगाए थे।
– खुफिया एजेंसियों कि रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि कल्चरल प्रोग्राम के नाम पर खालिद और उसके साथी देश भर की यूनिवर्सिटीज में शो करने वाले थे।
– इस रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली पुलिस ने जल्दबाजी में कन्हैया को गिरफ्तार किया और उस पर संगीन आरोप लगाए।
– इस रिपोर्ट में कहा गया है कि लेफ्ट पार्टियों के कट्टर समर्थक डेमोक्रेटिक स्टूडेंट यूनियन (डीएसयू) ने नारेबाजी की। कन्हैया एआईएसएफ से ताल्लुक रखता है।
सिलसिलेवार तरीके से जानें- क्या है जेएनयू विवाद?
9 फरवरी
– जेएनयू में 9 फरवरी को लेफ्ट स्टूडेंट्स के ग्रुप्स ने संसद पर हमले के गुनहगार अफजल गुरु और जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के को-फाउंडर मकबूल भट की याद में एक प्रोग्राम ऑर्गनाइज किया था। इसे कल्चरल इवेंट का नाम दिया गया था।
– जेएनयू में साबरमती हॉस्टल के सामने शाम 5 बजे उसी प्रोग्राम में कुछ लोगों ने देश विरोधी नारेबाजी की। इसके बाद लेफ्ट और एबीवीपी स्टूडेंट्स के बीच झड़प हुई।
10 फरवरी
– 10 फरवरी को नारेबाजी का वीडियो सामने आया।
12 फरवरी
– दिल्ली पुलिस ने 12 फरवरी को नारेबाजी के आरोप में देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया। जेएनयू स्टूडेंट यूनियन के प्रेसिडेंट कन्हैया कुमार को अरेस्ट कर लिया।
– कन्हैया को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। जज ने पूछा- कौन-सी आजादी चाहिए आपको ? कोर्ट ने कन्हैया को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा।
14 फरवरी
– राजनाथ सिंह ने कहा कि जेएनयू में नारेबाजी करने वालों को लश्कर और आतंकी हाफिज सईद का सपोर्ट मिला है।
– दिल्ली पुलिस ने भी हाफिज का एक ट्वीट जारी कर लोगों को अलर्ट किया था।
– बाद में हाफिज ने खुद बयान जारी कर दावा किया कि ये ट्वीट फेक है। हालांकि, होम मिनिस्ट्री ने दावा किया था कि एजेंसियों के पास इसे लेकर इनपुट है।
15 फरवरी
– 15 फरवरी को कन्हैया को फिर कोर्ट में पेश किया गया। दो दिन की रिमांड पर भेजा गया।
– उसी दौरान कोर्ट में वकीलों ने नारेबाजी कर रहे जेएनयू के स्टूडेंट्स की पिटाई कर दी। इस दौरान कुछ जर्नलिस्ट्स भी मारपीट के शिकार हुए।
– बीजेपी के एमएलए ओपी शर्मा पर सीपीआई स्टूडेंट लीडर की पिटाई का आरोप लगा। आप ने बीजेपी नेता की गिरफ्तारी की मांग की।
16 फरवरी
– 16 फरवरी को जर्नलिस्ट्स ने पिटाई के विरोध में मार्च निकाला। अपोजिशन ने ऑल पार्टी मीटिंग में पीएम के सामने जेएनयू का मुद्दा उठाया।
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