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पाक जेल में बंद हामिद के माता-पिता ने की रिहाई की मांग

Nehalमुंबई। कथित जासूसी के मामले में पाकिस्तान की जेल में बंद मुंबई के इंजिनियर हामिद नेहाल अंसारी के माता-पिता ने पड़ोसी देश के अधिकारियों से दया दिखाने और उनके बेटे को मानवीय आधार पर रिहा करने का अनुरोध कियाहै। हामिद की मां फौजिया अंसारी ने कहा, ‘मैं भारत और पाकिस्तान सरकार से अनुरोध करती हूं कि वे मेरे बेटे के मामले को दया की भावना से और राजनीति से ऊपर उठ कर देखें।’ इससे पहले खबर आई थी कि पाकिस्तान की मिलिटरी अदालत ने हामिद को जासूसी के केस में दोषी पाते हुए उसे तीन साल की कैद की सजा सुनाई थी।

हामिद पर आरोप है कि वह साल 2012 में अवैध तरीके से अफगानिस्तान से पाकिस्तान गया था। ऐसा बताया जाता है कि वह एक लड़की से मिलने पाकिस्तान गया था। सोशल मीडिया के जरिए इन दोनों की दोस्ती हुई थी। पाकिस्तान जाने के बाद वह लापता हो गया था। बाद में गिरफ्तार कर उसके खिलाफ पाकिस्तानी सैन्य अदालत में मुकदमा चलाया गया जिसने उसे जासूसी करने का दोषी ठहराया।

 हामिद अंसारी के माता-पिता ने पाकिस्तान की एक अदालत में उस समय याचिका दायर की जब उन्हें जनवरी में पता चला कि उनका बेटा पाकिस्तानी सेना की हिरासत में है। उसे पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट शहर में रविवार को दोषी ठहराया गया था और पेशावर केंद्रीय कारागार में ट्रांसफर कर दिया गया था।


फोटो: हामिद अंसारी

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55 वर्षीय फौजिया ने कहा, ‘हमें 13 जनवरी को पता चला कि हमारा बेटा जीवित है और पाकिस्तान सेना की हिरासत में है और उसके खिलाफ मुकदमा चल रहा है। हमें उम्मीद थी कि हम उसे सुरक्षित लाने में सक्षम होंगे लेकिन हाल में जो हुआ उससे हमें झटका लगा है। अब हमें अपने बेटे को भारत वापस लाने के लिए और इंतजार करना होगा।’ फौजिया का कहना है कि अभी तक उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी है और उन्हें भगवान पर भरोसा है। उन्होंने कहा, ‘हमें भारत सरकार और न्यायपालिका पर भरोसा है और हम उन्हें (हामिद) सुरक्षित वापस लाने के लिए हमारी ओर से हर संभव कोशिश करेंगे।’

फौजिया को विश्वास है कि दोनों देशों की सरकारें इस बात पर सहमत होंगी कि मानव जीवन कीमती है और उनके बेटे जैसे शिक्षित युवक को पाकिस्तान की जेल में नहीं रखा जाना चाहिए। वह कहती हैं, ‘मुझे नहीं पता कि मेरे बेटे ने क्या अपराध किया है। उसने लापता होने से पहले फेसबुक पर उसकी पाकिस्तानी मित्र से जो बातचीत की थी, उसके उनुसार वह एक लड़की की मदद करने पाकिस्तान गया था जो एक सामाजिक बुराई की पीड़िता थी।’

उधर ओआरएफ के अध्यक्ष सुधींद्र कुलकर्णी ने कहा, ‘हम भारत और पाकिस्तान के उन लोगों का धन्यवाद करते हैं जिन्होंने हामिद का पता लगाने के लिए निरंतर काम किया।’ कुलकर्णी का एनजीओ भी युवक का पता लगाने के प्रयासों में शामिल रहा है। उन्होंने कहा, ‘हम इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि वह निर्दोष है। वह वहां अपनी प्रेमिका से मिलने गया था जिससे उसकी दोस्ती फेसबुक के जरिए हुई थी। उसका जासूसी संबंधी गतिविधियों में शामिल होने का कोई इरादा नहीं था।’ उन्होंने कहा, ‘हम उनके माता-पिता के साथ हैं। सबसे बड़ी राहत की बात है कि वह जीवित है। वह पहले ही कैद में तीन साल काट चुका है और अब उसे मानवीय आधार पर रिहा कर दिया जाना चाहिए।’

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