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जेएनयू: आरोपी छात्रों की तलाश में श्रीनगर से बिहार तक छापेमारी

jnu chapaनई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में ‘देशद्रोही नारे’ लगाए जाने के मामले में दिल्ली पुलिस आरोपी छात्रों की तलाश में जुटी है। पुलिस की टीमों ने उत्तर प्रदेश, बिहार और जम्मू-कश्मीर में छापे मार रही है। टीवी रिपोर्ट्स के मुताबिक, देशद्रोही नारे लगाने के आरोपी उमर खालिद समेत पांच छात्रों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। इस बीच गृह मंत्रालय के सूत्रों ने पीटीआई की उस खबर का खंडन किया है, जिसमें कहा गया था कि गृह मंत्रालय के कुछ अधिकारियों का मानना है कि कन्हैया ने देशविरोधी नारे नहीं लगाए और न ही उसने कोई देशविरोधी हरकत की।
नारेबाजी के बाद फरार उमर खालिद, आशुतोष कुमार, अनिर्बन भट्टाचार्य, रामा नागा और अनंत प्रकाश की तलाश में विभिन्न जगहों पर पुलिस कार्रवाई की जा रही है।

गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि कन्हैया को लेकर अब तक कोई फैसला नहीं लिया गया है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ नारे लगाना ही देशद्रोह के दायरे में नहीं आता। नारे लगाने के अलावा भी कई हरकतें देशद्रोह के दायरे में आती है। सूत्र ने कन्हैया को लेकर अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने की बात से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि जांच अभी चल रही है, समय आने पर हम पूरी जानकारी देंगे।

सूत्र के मुताबिक, पुलिस कन्हैया के वॉयस सैंपल का मिलान करेगी। टीवी रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की पूछताछ में कन्हैया ने बताया है कि उन्होंने देशविरोधी नारे नहीं लगाए थे। छात्रसंघ के अध्यक्ष के नाते उन्होंने भाषण दिया था, जिसमें आरएसएस के विरोध में कई बातें कही थीं।

इस बीच, गृह मंत्रालय ने कोलकाता की जादवपुर यूनिवर्सिटी में भी आतंकी अफजल गुरु और इशरत जहां के समर्थन में नारेबाजी किए जाने को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार से रिपोर्ट मांगी है। गौरतलब है कि जेएनयू में भारत विरोधी नारेबाजी के बाद यादवपुर यूनिवर्सिटी में भी अफजल गुरु के समर्थन में नारेबाजी किए जाने की घटना सामने आई थी।

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उधर, दिल्ली पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी ने कहा कि कन्हैया के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं। बस्सी ने इन खबरों को गलत बताया कि देशद्रोह के आरोप से कन्हैया को क्लीन चिट दी जा रही है या 9 फरवरी को जेएनयू कैंपस में देश विरोधी नारे लगाने वालों में वह शामिल नहीं थे।

एक सवाल पर कमिश्नर ने कहा कि पुलिस ने ठोस आधार पर ही कन्हैया का रिमांड कोर्ट में मांगा था, कोर्ट ने वह रिमांड दिया भी। बस्सी ने कहा कि कन्हैया की गिरफ्तारी पूरी तरह न्यायोचित है। उन्होंने यह भी जोड़ा, ‘अभी जांच चल रही है, कई ऐंगल पर काम हो रहा है। ऐसे में कोई फाइनल रिपोर्ट कैसे बनाई जा सकती है?’

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