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चीन पर नजर रखने के लिए भारत ने मालदीव से मिलाया हाथ

समुद्री रणनीतिक साझेदारी के लिए मालदीव भारत के लिए महत्वपूर्ण देश है
समुद्री रणनीतिक साझेदारी के लिए मालदीव भारत के लिए महत्वपूर्ण देश है

नई दिल्ली। चीन की सैन्य गतिविधियों पर नजर रखने के क्रम में भारत इंडियन ओशियन रीजन क्षेत्र में अपनी सक्रियता बढ़ा रहा है। मैत्रीपूर्ण संकेत के तहत श्रीलंका के बाद अब मालदीव में भारत अपने प्रमुख एयरक्राफ्ट भेज रहा है। भारत के सबसे बड़े और क्षमता की दृष्टि से सबसे प्रभावी आईएनएस विक्रमादित्य, विध्वंसक आईएनएस मैसूर, टैंकर आईएनएस दीपक को मालदीव भेजा है। समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा देने के आश्वासन के तहत यह कदम उठाया गया है।
आईएनएस विक्रमादित्य को सबसे पहले मैत्री संबंधों के तौर पर श्रीलंका भेजा गया था। इसी कड़ी में 15 से 18 फरवरी के दौरान एक अन्य एशियाई राष्ट्र मालदीव भी कुछ एयरक्राफ्ट भेजे जा रहे हैं। मिशन से जुड़े अधिकारी ने बताया, ‘समुद्री सीमा से लगे देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों भारत की प्राथमिकता है। यह पहल उसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।’

हालांकि इस कदम को भारत की समुद्री कूटनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है। इंडियन ओशियन रीजन में चीन के विस्तार और बढ़ते प्रभाव की चुनौतियों से निपटने के लिए ‘प्रॉजेक्ट मौसम’ को भारत बढ़ावा दे रहा है।

चीन पाकिस्तान के गवाडार पोर्ट और श्रीलंका हमबनटोटा पोर्ट पर सक्रिय है। भविष्य में आईओआर क्षेत्र में अपनी समुद्री ताकत बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। चीन के इस कदम की काट के रूप में भारत अपनी सक्रियता बढ़ा रहा है। भारत की तरफ से किए वादे पूरे करने में ढिलाई इस दिशा में एक बड़ी रुकावट है। भौगोलिक और राजनीतिक दृष्टि से मालदीव भारत के लिए एक महत्वपूर्ण देश है, जहां से समुद्री क्षेत्र में भारत अपनी सक्रियता बढ़ाने के साथ चीन पर नजर भी रख सकता है।

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90 के दशक में अंतरराष्ट्रीय सत्ता टकराव के बाद द्वीप समूहों के इस देश के साथ भारत की कुटनीतिक साझेदारी फिलहाल अच्छी दिशा में आगे बढ़ रही है। अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद मालदीव की वर्तमान सरकार ने राजनीतिक सुधार के लिए कुछ कदम उठाए हैं। पिछले महीने भारत के विदेश सचिव एस जयशंकर पीएम नरेंद्र मोदी के विशेष दूत के तौर पर मालदीव की यात्रा पर थे। इसके कुछ दिन बाद ही राष्ट्रपति अब्दुल्ला यमीन अब्दुल ने इसी सप्ताह देश में विभिन्न दलों से बातचीत की फिर से शुरुआत करने की घोषणा की है।

मलदीव के साथ द्विपक्षीय सुरक्षा संबंधों के तहत भारत ने मालदीव के रक्षा मंत्री अदम शरीफ को सैन्य प्रशिक्षण के साथ एयरक्राफ्ट और हेलिकॉप्टर सप्लाइ का आश्वासन भी दिया है। इंडियन ओशियन रीजन में अपनी क्षमता और प्रभाव बढ़ाने के तहत भारत ने मालदीव से एक और महत्वपूर्ण समझौता किया है। भारत मालदीव में 10 कोस्टल सर्विलेंस रडार सिस्टम स्टेशन की स्थापना में सहयोग करेगा।

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