Breaking News

JNU विवाद: दिल्ली पुलिस ने 7 छात्रों को हिरासत में लिया

jnu studentsनई दिल्ली। जेएनयू परिसर में 9 फरवरी की रात आयोजित विवादित कार्यक्रम में देशविरोधी नारे लगाने के मामले में छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया की शुक्रवार को हुई गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस ने 7 अन्य आरोपी छात्रों को हिरासत में लिया है। इससे पहले दिल्ली पुलिस इन छात्रों की तलाश में कई जगहों पर छापेमारी कर रही थी।

दिल्ली पुलिस ने उमर खालिद, कन्हैया कुमार, आशुतोष कुमार, अनिरबन भट्टाचार्य, राम नागा और अनंत प्रकाश नाम के छात्रों का नाम लिखते हुए VC को इन्हें पेश करने का निर्देश भी दिया था। इन सभी छात्रों पर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है।


दिल्ली पुलिस द्वारा JNU के उपकुलपति को लिखी गई चिट्ठी की प्रति। पुलिस ने VC से इन छात्रों की जानकारी देने को कहा है…

उधर, कन्हैया की गिरफ्तारी का विरोध करते हुए वामदल के नेता सीताराम येचुरी और डी.राजा ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। जनता दल यूनाइटेड के नेता के.सी. त्यागी ने भी इस सिलसिले में राजनाथ से मुलाकात की। दिल्ली के पुलिस कमिश्नर बस्सी ने भी इस सिलसिले में गृहमंत्री से मुलाकात कर उन्हें पूरी स्थिति के बारे में जानकारी दी।

जेएनयू परिसर में मीडिया का जाना प्रतिबंधित कर दिया गया है। पूरे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। किसी भी बाहरी व्यक्ति को विश्वविद्यालय परिसर में जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है। छात्रों को भी बिना परिचय पत्र देखे अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है।

अखिल भारतीय विधार्थी परिषद (ABVP) सुबह परिसर में दोषी छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन करने वाला था। अब यह कार्यक्रम आज शाम को होगा। संगठन ने कहा है कि वह इस मसले पर उपकुलपति का घेराव करेगा। वहीं, आज दोपहर JNU के प्रफेसर इस पूरे विवाद को लेकर उपकुलपति के साथ मुलाकात करेंगे। बताया जा रहा है कि वे दोषी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उपकुलपति के सामने रखेंगे।

Loading...

दूसरी ओर, प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में अफजल गुरु को फांसी चढ़ाए जाने के विरोध में कार्यक्रम बुलाकर प्रफेसर अली जावेद अलग मुश्किल में फंस गए हैं। वह आज पार्ल्यामेंट स्ट्रीट थाने में पहुंचे।

मालूम हो कि 9 फरवरी को JNU परिसर में कुछ छात्रों ने अफजल गुरु और मकबूल भट्ट की फांसी और ‘कश्मीरियों द्वारा स्वाधिकार के अधिकार के लिए किए जा रहे संघर्ष के समर्थन’ में रैली निकालने के संबंध में पोस्टर लगाए थे। ABVP द्वारा इसके खिलाफ शिकायत किए जाने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस कार्यक्रम की अनुमति को रद्द कर दिया था।

बावजूद इसके कुछ छात्रों ने इस कार्यक्रम का आयोजन किया। आरोप है कि इस कार्यक्रम में देशविरोधी नारे और ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए गए। कुछ न्यूज चैनलों पर इसकी फुटेज दिखने के बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया।

Loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *