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14 महीने से स्नैपडील इंजीनियर का पीछा कर रहे थे किडनैपर्स, दीप्ति से फिर पूछताछ

dipti33नई दिल्ली। गाजियाबाद से लापता होने के 36 घंटे बाद शुक्रवार को मिलीं स्नैपडील की आईटी इंजीनियर दीप्ति सरना मामले में खुलासा हुआ है। सीनियर पुलिस सुपिरिटेंडेंट धर्मेंद्र सिंह के मुताबिक, “दीप्ति ने पुलिस को बताया कि किडनैपर्स उससे कह रहे थे कि वे 14 महीने से उसका पीछा कर रहे थे।” हालांकि, दीप्ति अभी पुलिस से डिटेल बात नहीं कर रही है। शनिवार को पुलिस फिर उससे पूछताछ करेगी।
दीप्ति ने किडनैपर्स को गलत बताया था अपना नाम
– जानकारी के मुताबिक, पुलिस अफसरों ने शुक्रवार को 25 मिनट तक दीप्ति से बातचीत की।
– पुलिस को दीप्ति ने बताया कि उसने किडनैपर्स को अपना नाम ‘स्नेहा’ बताया था।
– अफसर ने कहा, ”हम उसे क्राइम सीन पर ले गए।”
– पुलिस आरोपियों की तलाश करने के लिए दीप्ति से पूछताछ के आधार पर स्केच बनवा रही है।
– दीप्ति का मोबाइल फोन, बैग और लैपटॉप अभी जब्त किया जाना बाकी है।
– इस बीच, पुलिस ने दीप्ति के वो कपड़े और शूज फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं जो उसने घटना वाली रात पहने थे।

दीप्ति का दावा- दो दिन घुमाते रहे किडनैपर…

– गाजियाबाद के एसपी सिटी सलमान ताज पाटिल के मुताबिक, दीप्ति ने बताया कि वह रात 8 बजे के करीब वैशाली मेट्रो स्टेशन से ऑटो में बैठी। इसमें 2 लड़कियां पीछे थीं। आगे ड्राइवर के साथ दो लड़के बैठे थे। दीप्ति के आने के बाद ऑटो में कुल 6 लोग हो गए।
– ऑटो कुछ दूर चलने के बाद खराब हो गया। इसके बाद वे ऑटो बदलकर दूसरे में बैठ गईं।
– दूसरे ऑटो में 1 लड़का और 1 लड़की पहले से ही बैठे थे। दीप्ति जब इस ऑटो में बैठी तो 2 लड़के पीछे वाले ऑटो से आए और इसी ऑटो में आकर बैठ गए।
– अब इस ऑटो में 2 लड़कियां और ड्राइवर समेत 6 लोग थे।
– कुछ दूर चलने के बाद ऑटो में बैठे बदमाशों ने दीप्ति के साथ बैठी दूसरी लड़की को चाकू दिखा कर नीचे उतार दिया और ऑटो को राजनगर एक्सटेंशन की तरफ ले गए।
– राजनगर एक्सटेंशन के आसपास काफी देर तक घुमाने के बाद बदमाशों ने दीप्ति हाथ पैर बांधे और आंखें बंद कर दीं।
– इसके बाद उसे एक कार में डाल कर कहीं ले जाया गया। दीप्ति के मुताबिक कार कई घंटों तक चलती रही, लेकिन आंखे बंद होने की वजह से उसे यह नहीं पता लगा कि बदमाश उसे कहां ले जा रहे हैं।
गन्ने के खेत में ले गए…
– रात भर कार में घुमाने के बाद अगले दिन इन लोगों ने उसे एक गन्ने के खेत में रखा।
– इसके बाद गुरुवार रात को भी बदमाश उसे पैदल, कार और बाइक से इधर से उधर घुमाते रहे।
– रात भर घुमाने के बाद बदमाशों ने उसे सुबह पांच बजे के करीब हरियाणा के पानीपत में एक रेलवे स्टेशन पर छोड़ दिया।
– स्टेशन पर छोड़ते हुए बदमाशों ने उसे 100 रुपए भी दिए।
– दीप्ति इसी स्टेशन से एक ट्रेन में बैठी और दिल्ली के लिए चल दी।
– ट्रेन में ही उसने एक शख्स से फोन लेकर पापा को कॉल किया कि वह पानीपत से दिल्ली आ रही है।
– इसके बाद गाजियाबाद पुलिस और उसके पापा नई दिल्ली स्टेशन पर उसे लेने पहुंचे।
मेडिकल कराने से किया इनकार
– एसएसपी गाजियाबाद धर्मेंद्र सिंह के मुताबिक पुलिस ने पूछताछ के बाद दीप्ति को मेडिकल के लिए हॉस्पिटल भेजा था। लेकिन यहां कुछ देर रुकने के बाद वह मेडिकल कराने से इनकार करते हुए वापस लौट गई।
– एसएसपी ने बताया कि पुलिस ने उनपर किसी तरह का कोई दबाव नहीं बनाया है। मेडिकल कराना या न कराना उनका फैसला है।
– बताया जा रहा है कि इन्वेस्टिगेशन के दौरान दीप्ति ने पुलिस को अपने किडनैप की जुड़ी इंफॉर्मेशन दी है। इसके बाद पुलिस बदमाशों की तलाश में जुट गई है।
क्या हुआ था बुधवार रात?
– आईटी इंजीनियर दीप्ति सरना कंपनी के गुड़गांव ऑफिस में काम करती है।
– दीप्ति बुधवार शाम ऑफिस से गाजियाबाद के कविनगर में अपने घर जाने के लिए निकली थी। वह शाम 8 बजे मेट्रो से वैशाली उतरी। घर के लिए ऑटो लिया। इसके बाद से वह लापता हो गई थी।
– दीप्ति के पिता नरेंद्र सरना के मुताबिक, बुधवार रात सवा आठ बजे उनकी बेटी से बात हुई थी। उस वक्त वह हिंडन पुल पर थी।
– दीप्ति के पिता फार्मासिस्ट हैं। घर पहुंचने से पहले उन्हीं से बात कर रही थी, तभी अचानक उसने कहा- “ऑटो वाला गलत ले जा रहा है…पापा बचा लो।”
– इसके बाद से उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया।
220 पुलिसवाले कर रहे थे तलाश
– पुलिस के मुताबिक, दीप्ति के साथ उसकी सहेली भी ऑटो में थी, जिसे हिंडन से पहले ही ऑटो वाले ने जबरन उतार दिया था।
– पुलिस को उनके मोबाइल की आखिरी लोकेशन आरडीसी और राजनगर एक्सटेंशन के आसपास मिली थी।
– पुलिस का कहना है कि दीप्ति की सहेली ने भी उसके परिजनों को उसके किडनैप हो जाने की जानकारी दी थी।
– यूपी के 220 पुलिसवाले दीप्ति की तलाश कर रहे थे। इनमें कई आईपीएस भी थे।
– दीप्ति की खोज के लिए ड्रोन कैमरों की मदद भी ली गई थी। आईबी टीम भी मामले पर नजर रख रही थी।
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