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प्रेस क्लब में भी लगे देशविरोधी नारे, केस दर्ज

pressनई दिल्ली। जेएनयू के वामपंथी छात्र संगठन ने कैंपस के बाद प्रेस क्लब में भी बुधवार शाम भारत विरोधी नारे लगाए। नारेबाजी के बाद पुलिस ने जाकिर हुसैन कॉलेज के प्रफेसर एसएआर गिलानी समेत कुछ और लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस का कहना है कि मुख्य आयोजक गिलानी पर केस दर्ज कर सबूत जुटाए जा रहे हैं। गौरतलब है कि छात्र संसद हमलों के दोषी अफजल गुरु और जेकेएलएफ के संस्थापक मकबूल भट की फांसी का विरोध कर रहे हैं।

घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रेस क्लब ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आयोजकों को नोटिस जारी किया। नोटिस कार्यक्रम आयोजक प्रफेसर गिलानी के नाम से जारी किया गया है। गीलानी के नाम से ही कार्यक्रम स्थल की बुकिंग हुई थी। गिलानी लंबे समय से कश्मीर की आजादी के समर्थक रहे हैं और अफजल गुरु की फांसी के बाद से हर साल उसके लिए प्रार्थना सभा आयोजित कराते रहे हैं। प्रेस क्लब ने अपनी तरफ से जारी बयान में कहा, ‘कार्यक्रम फर्स्ट फ्लोर पर आयोजित किया गया था और कार्यक्रम आयोजित करने वाले अली जावेद ने हमें कार्यक्रम के बारे में अंधेरे में रखा।’

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प्रेस क्लब दिल्ली के पत्रकारों के जुटने की प्रमुख जगह है। घटना की जानकारी मिलते ही कुछ लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। वहीं क्लब ने भी अपने स्तर पर कार्रवाई करते हुए पूरे विवाद से खुद को अलग कर लिया है। क्लब के ट्रेजरर अरुण कुमार जोशी ने कहा, ‘शुरू में तालियों की आवाज और शोर-शराबा सुनकर मुझे लगा कोई बर्थडे पार्टी है। जब मैं ऊपर पहुंचा तो मैंने देखा कि कुछ लोग प्रफेसर गिलानी के साथ आतंकियों की तस्वीर वाले पोस्टर लेकर सेल्फी खिंचवा रहे हैं। हम इस मामले की पुरजोर भर्त्सना करते हैं। इस घटना के बाद से क्लब ने फैसला किया है कि अब किसी भी बुकिंग से पहले कार्यक्रम किस उद्देश्य से किया जा रहा है इसकी जानकारी भी ली जाएगी।’
वहीं जेएनयू प्रशासन ने मामले की जांच के लिए कमिटी गठित कर दी है। गुरुवार को हुर्रियत कॉन्फ्रेंस ने यूनिवर्सिटी प्रशासन के इस कदम की निंदा करते हुए कहा कि छात्र कोई गैरकानूनी काम नहीं कर रहे थे। हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता एजाज अकबर ने कहा, ‘एक ओर भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश होने का दावा करता है। दूसरी ओर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ यूनिवर्सिटी में कार्रवाई की जाती है।’
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