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अधिकारियों की टेबल पर बीजेपी का घोषणापत्र, यूपी कैबिनेट की पहली मीटिंग में हो सकते हैं ये बड़े फैसले!

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कह चुके हैं कि उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाना है. यूपी में जीत के हीरो नरेंद्र मोदी ही हैं इसीलिए भले बीजेपी ने अभी तक सीएम का नाम तय नहीं किया है लेकिन पार्टी की सरकार काम करने लगी है. अब जो पीएम मोदी को पसंद है वही अफसरों की पसंद है

दिल्ली से कैबिनेट सचिव ने यूपी में मुख्य सचिव को फोन किया और उसके बाद राज्य के आईएएस अधिकारियों में हड़कंप मचा है. मुख्य सचिव के दफ्तर से सभी विभागों के प्रमुख सचिवों को फोन गया और साथ में बीजेपी का घोषणापत्र भी पहुंचा दिया गया.

बीजेपी के नेता अपने घोषणापत्र को लोक कल्याण संकल्प पत्र कहते है. चौबीस पन्नों का पार्टी का मैनिफेस्टो अब कई सीनियर आईएएस अधिकारियों के टेबल पर हैं. सब अपना अपना दिमाग खपा रहे हैं, तीन महीने के लिए एजेंडा तैयार करने को कहा गया है. यूपी में बीजेपी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक कब होगी ये तो नए मुख्यमंत्री ही बताएंगे लेकिन उस मीटिंग में क्या फैसले हो सकते है इसकी एक्सक्लुसिव जानकारी एबीपी न्यूज़ को सूत्रों से मिली है.

किसानों की कर्जमाफी
किसानों की कर्जमाफी का वादा करके मोदी ने उत्तर प्रदेश में प्रचार शुरू किया था. मोदी के इसी वादे पर कैबिनेट की पहली मीटिंग में मुहर लगाने की तैयारी है. बीजेपी के घोषणापत्र में सबसे ऊपर लिखा है “सभी लघु और सीमान्त किसानों का फसली ऋण माफ़ होगा”

एक हेक्टेयर से कम खेत वाला सीमांत और एक से दो हेक्टेयर जमीन पर खेती करने वाले लघु किसान कहलाते हैं. यूपी में किसानों पर 92 हजार 121 करोड़ रुपया बकाया है. ये पिछले साल के बजट का एक चौथाई है. यूपी में 2.33 करोड़ किसान है, इनमें से 92 फीसदी तो लघु और सीमान्त किसान है. सूत्रों की माने तो किसानों की कर्ज माफी पर नई सरकार को 85 हजार करोड़ रुपयों की चपत लगेगी.

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अवैध कत्लखाने बंद होंगे
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने अपनी हर चुनावी रैली में अवैध कत्लखाने बंद करवाने का वादा किया. उत्तर प्रदेश में 316 बूचड़खाने हैं, खबर है कि पहली कैबिनेट मीटिंग में अवैध कत्लखाने बंद करने पर भी फैसला हो सकता है. एक सीनियर आईपीएस अधिकारी ने बताया कि एंटी रोमियो दल बनाने पर भी विचार शुरू हो गया है. बीजेपी के एजेंडे में एंटी रोमियो स्क्वायड भी काफी ऊपर है.

यूपी में पहले से ही वीमन हेल्पलाईन काम कर रही है जहां प्रदेश भर की महिलायें शिकायत दर्ज करा सकती हैं. ये तो वो फैसले हैं जिसे ताबड़तोड़ सरकार ले सकती है लेकिन बड़ी तस्वीर ये है कि प्रधानमंत्री मोदी जिस विकास की छवि के साथ केंद्र में सरकार चला रहे हैं उसकी झलक यूपी में भी दिखानी पड़ेगी.

उत्तर प्रदेश की आबादी 22 करोड़ है यानी देश का 16 फीसदी लेकिन जीडीपी में हिस्सा सिर्फ 12 फीसदी है. प्रति व्यक्ति आय में यूपी 31वें नंबर पर हैं. यूपी में 30 फीसदी गरीब हैं जबकि राष्ट्रीय स्तर पर ये आंकड़ा 22 फीसदी है. वरिष्ठ पत्रकार स्वामीनाथन अंकलेश्वर अय्यर का अनुमान है कि अगर यूपी में विकास होता है तो देश की विकास दर एक फीसदी बढ़ जाएगी.

अभी देश की विकास दर सात फीसदी है और अगर यूपी चमकने पर ये आठ फीसदी से ज्यादा हुई तो दुनिया की बड़ी-बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश पीछे छूट जाएंगे. पीएम मोदी 2019 को ध्यान में रखकर यूपी की तस्वीर बदलने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते. यही वजह है कि चेहरा तय होने से पहले ही प्रदेश की सूरत बदलने काम शुरू कर दिया गया है ताकि यूपी का भाग्य तो बदले ही 2019 के लिए वो बीजेपी का भी भाग्य विधाता बन जाए.

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