Breaking News

आरटीआई से मिली जानकारी, ‘राममनोहर लोहिया नहीं थे स्वतंत्रता सेनानी’

lohiyaलखनऊ। समाजवाद के जनक कहे जाने वाले स्वतंत्रता सेनानी डॉ़ राम मनोहर लोहिया के नाम पर भले ही यूपी में कई बार सरकारें बन चुकी हैं, पर लेकिन यूपी के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की सूची में उनका नाम ही नहीं है। केवल लोहिया ही नहीं नेताजी सुभाष चंद्र बोस के विश्वासपात्र रहे कैप्टन अब्बास अली का भी नाम स्वतंत्रता सेनानियों की सूची से गायब है। इसका खुलासा आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना के जवाब से हुआ है। हालांकि, राज्य सूचना आयुक्त अरविंद सिंह बिष्ट ने राज्य सरकार को यह मामला संदर्भित करते हुए दोनों स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का नाम सूची में दर्ज करवाने को कहा है।

लखनऊ में रहने वाले सत्य प्रकाश मिश्र और शैलेंद्र सिंह चौहान ने उत्तर प्रदेश सरकार से स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बारे में आरटीआई के तहत सूचना मांगी थी। सूचना न मिलने पर दोनों लोगों ने राज्य सूचना आयोग में अपील दाखिल की। इसके बाद शासन के राजनैतिक पेंशन विभाग की ओर से यूपी के 316 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बारे में जानकारी दी गई। साथ 316 नामों की सूची आयोग और आवेदकों को दी।

316 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की इस सूची में भारतीय कहे जाने वाले समाजवाद के जनक डॉ राम मनोहर लोहिया और कैप्टन अब्बास अली के नाम नहीं थे। आवेदकों ने आयोग में इस सूचना पर आपत्ति लगाते हुए फिर सूचना मांगी कि क्या यूपी सरकार की स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की सूची में डॉ. राम मनोहर लोहिया और कैप्टन अब्बास अली के नाम नहीं हैं? और अगर नहीं है तो क्यों? जबकि यह दोनों महापुरुष यूपी के रहने वाले थे। डॉ. राम मनोहर लोहिया आंबेडकरनगर और कैप्टन अब्बास अली अलीगढ़ के निवासी थे।

Loading...

राज्य सूचना आयुक्त अरविंद सिंह बिष्ट ने बताया कि राजनैतिक पेंशन विभाग ने आपत्ति दूर करते हुए सूचना दी कि उत्तर प्रदेश शासन की सूची में उन्हीं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नाम हैं, जिन स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों या फिर उनके उत्तराधिकारियों को सरकार की ओर से पेंशन दी जाती है। पूर्व मंत्री सत्यदेव त्रिपाठी ने बताया कि स्वतंत्रता आंदोलन में अहम रोल निभाने वाले कैप्टन अब्बास अली आजादी के बाद समाजवादी विचारधारा के कारण डॉ. राम मनोहर लोहिया के साथ हो गए थे। अविवाहित होने के कारण दोनों ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को मिलने वाली पेंशन लेने से मना कर दिया था।

Loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *