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भारत में ऑइल रिजर्व तैयार करेगा संयुक्त अरब अमीरात, हुए 14 करार

नई दिल्ली। भारत ने बुधवार को संयुक्त अरब अमीरात के साथ 14 करार किए। इसमें दक्षिण भारत में खाड़ी देश को दक्षिण भारत में ऑइल रिजर्व तैयार करने की अनुमति देना भी शामिल है। इसके अलावा दोनों दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक स्तर पर भी मजबूत करने का फैसला लिया है। भारत ने 2014 में तेल स्टोरेज फैसिलिटी का एक हिस्सा आबू धाबी को लीज पर देने के लिए बातचीत शुरू की थी। इस डील के तहत भारत के पास अधिकार होगा कि वह इमर्जेंसी में क्रूड ऑइल को स्टोर कर सके, जबकि आबू धाबी नैशनल ऑइल कंपनी डिमांड को पूरा करने के लिए यहां से तेल की सप्लाइ कर सकेगी।

पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और आबू धाबी नैशनल ऑइल कंपनी के प्रतिनिधि ने पीएम मोदी और क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन-जाएद के बीच मुलाकात के बाद इस डील पर साइन किए। भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिहाज से यूएई बीते सालों में बड़ा साझीदार बनकर उभरा है। 2015-16 में यूएई भारत को तेल निर्यात करने वाले देशों में 5वें नंबर पर था।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘हमारे संबंधों में ऊर्जा साझीदार बेहद महत्वपूर्ण हैं। ये देश हमारी ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।’ पीएम नरेंद्र मोदी ने बताया कि दोनों पक्षों ने कुछ महत्वपूर्ण प्रॉजेक्ट्स पर आगे बढ़ते हुए ऊर्जा संबंधों को मजबूत करने पर विचार किया। मोदी ने कहा, ‘इस संबंध में लॉन्ग टर्म सप्लाइ कॉन्ट्रैक्ट्स और एनर्जी सेक्टर में जॉइंट वेंचर्स स्थापित किए जाने से फायदा होगा।’

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भारत की ग्रोथ स्टोरी में यूएई का बड़ा योगदान: मोदी
आबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जाएद के साथ मीडिया को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया के महत्वपूर्ण क्षेत्र में यूएई भारत का रणनीतिक और बड़ा साझीदार है। मोदी ने कहा कि हम भारत की ग्रोथ में संयुक्त अरब अमीरात को बेहद महत्वपूर्ण पार्टनर के तौर पर देखते हैं। पीएम ने कहा, ‘खासतौर पर इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में यूएई की ओर से निवेश को लेकर दिखाई गई रुचि का मैं स्वागत करता हूं।’

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