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युवराज ने बोली दिल की बात, ‘मैं तो क्रिकेट छोड़ने वाला था, विराट कोहली ने मुझे…’

कटक। करीब 3 साल बाद वनडे टीम में वापसी करने वाले युवराज सिंह ने कटक में शानदार 150 रनों के बाद अपने दिल की बातें बोली हैं। युवराज ने कहा था कि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से रिटायर होने के बारे में सोच रहे थे, लेकिन विराट कोहली ने उन पर भरोसा जताया था। ऐसे में उनके भरोसे का मान तो रखना बनता ही था।

युवराज ने इंग्लैंड के खिलाफ कटक में हुए दूसरे वनडे में अपना वनडे मैचों का बेस्ट स्कोर भी बनाया। उन्हें इस पारी के लिए ‘मैन ऑफ द मैच’ भी चुना गया। इसके बाद वह काफी भावुक दिखे। युवी ने कहा, ‘मैं जिस लड़ाई को लड़कर यहां आया हूं, उसके बारे में सिर्फ मैं ही जानता हूं। मुझे पता नहीं था कि मैं दोबारा खेल पाऊंगा भी या नहीं। लोगों ने भी विश्वास खो दिया था, लेकिन मैंने अपना विश्वास बना कर रखा। मैंने अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। मेरी सोच है- कभी हार मत मानो।’ आपको बता दें कि 2011 वर्ल्ड कप के बाद युवराज सिंह को कैंसर हो गया था। इस जानलेवा बीमारी से लड़ने के बाद वह काफी समय तक टीम से बाहर रहे। जानिए, क्या-क्या बोले युवराज-

‘खतरनाक है इंग्लैंड की टीम’

युवराज सिंह ने स्वीकार किया कि उनके दोबारा टीम इंडिया में होने में कई लोगों का हाथ है। इसके साथ ही उन्होंने इंग्लैंड की टीम की काफी तारीफ की। उन्होंने कहा कि नई इंग्लैंड टीम काफी खतरनाक है। उसके मध्यक्रम के बल्लेबाज किसी भी गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ा सकते हैं। पहले उनके पास फ्लिंटॉफ और हार्मिसन थे और अब भी अच्छे बल्लेबाज हैं।

’25 रनों की साझेदारी करना था लक्ष्य’

धौनी के साथ 256 रनों की रिकॉर्ड पार्टनरशिप पर उन्होंने कहा, ‘मैंने और धौनी ने सबसे पहले 25 रनों की साझेदारी की बात सोची थी, फिर 50 रनों का लक्ष्य रखा था और इसके बाद नया लक्ष्य था 100 रनों की साझेदारी करने का। मुझे पता था कि अगर ऐसा हो गया तो दोनों बल्लेबाज सेट हो जाएंगे। हम 340 से 350 रन के स्कोर तक पहुंचने के बारे में सोच रहे थे।’

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’35 पार होने पर करनी पड़ती है कड़ी मेहनत’

युवराज ने कहा, ‘यह संभवत: मेरी सर्वश्रेष्ठ पारी है। मैंने निचले क्रम के बल्लेबाज के रूप में शुरुआत की थी, लेकिन ऊपरी क्रम में आने पर आपको अधिक गेंदें खेलने को मिलती हैं। मेरे लिए 150 रन लक्ष्य था। जब आप 30 के पार हो जाते हो तो आपको अपनी फिटनेस पर कड़ी मेहनत करनी पड़ती है।’

‘मेरी सबसे अच्छी पारियों में से एक’

युवराज ने कहा, ‘मैंने पिछली बार 2011 के विश्व कप में शतक लगाया था।’ युवराज ने जहां 6 साल के बाद पहला शतक लगाया है वहीं धौनी ने कप्तानी त्यागने के बाद पहली बार शतकीय पारी खेली। युवराज ने कहा, ‘मैं धौनी के साथ काफी पहले से खेलता आया हूं। हमारे बीच अच्छी समझ है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में हम ऐसी और पारियां खेलेंगे।’

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