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मौजूदा वित्त वर्ष में पिछले 5 सालों के मुकाबले सबसे तेजी से बढ़ेगी देश की इकॉनमी!

economiनई दिल्ली। वर्तमान वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में अनुमानित 7.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करने के बीच मैन्युफैक्चरिंग और कृषि क्षेत्रों के अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन से देश की वार्षिक आर्थिक वृद्धि दर इस बार 7.6 प्रतिशत रह सकती है। यह पिछले पांच सालों की सबसे तेज वृद्धि होगी। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) के जारी अनुमानों के अनुसार सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि वित्त वर्ष 2015-16 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 7.3 प्रतिशत रही।
सीएसओ ने अप्रैल-जून और जुलाई-सितंबर तिमाहियों के जीडीपी वृद्धि के अनुमानों में फेरबदल कर क्रमश: 7.6 प्रतिशत तथा 7.7 प्रतिशत कर दिया है। इससे पहले जारी आंकड़ों में इनके क्रमश: 7.0 प्रतिशत तथा 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया था।

इस तरह 2015-16 में अनुमानित 7.6 प्रतिशत की वृद्धि पिछले पांच साल की सबसे तेज वृद्धि होगी। इससे पहले इससे तेज वृद्धि 2010-11 में थी जबकि जीडीपी 8.9 प्रतिशत की दर से बढ़ी थी।

जीडीपी आंकड़ो के बारे में बात करते हुए आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने कहा, ‘आंकड़ों की दिशा बेहद सकारात्मक है। पिछले डेढ़ साल में सरकार ने नीति और सुधार की दिशा में कदम उठाए हैं, उसका परिणाम दिखना शुरू हो गया है।’

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मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की वृद्धि दर 2015-16 में 9.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो एक वर्ष पूर्व 5.5 प्रतिशत थी। इसी तरह, कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर 1.1 प्रतिशत रहने की संभावना है, जबकि एक वर्ष पूर्व इसमें 0.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। हालांकि मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान खनन और उत्खनन क्षेत्र, बिजली और बिजली आपूर्ति के साथ अन्य सेवाओं की वृद्धि दर में गिरावट आने का अनुमान है।

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