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कोलकाता: कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने RBI गवर्नर से की धक्कामुक्की, दिखाए काले झंडे

15urjit-patelकोलकाता। रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया के गवर्नर उर्जित पटेल को नोटबंदी की वजह से गुरुवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। कोलकाता दौरे पर गए पटेल को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एयरपोर्ट पर काले झंडे दिखाए और उनके साथ हाथापाई करने की भी कोशिश की। हालांकि, पटेल के सुरक्षा अधिकारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए बीच-बचाव कर उन्हें विमान तक सुरक्षित पहुंचाया।

इस बीच तृणमूल कांग्रेस के मंत्रियों और राज्य के विधायकों ने गुरुवार को लगातार दूसरे दिन भी कोलकाता स्थित भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय के सामने धरना दिया। यह लोग राज्य में नए नोटों की पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने का विरोध कर रहे हैं। यह धरना ऐसे समय में दिया गया जब देश के सर्वोच्च बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल भवन के अंदर बैंक के प्रबंधन बोर्ड की बैठक में भाग ले रहे थे। इस विडियो में देखिए कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कैसे की उर्जित पटेल से हाथापाई की कोशिश:

पार्टी के बड़े नेताओं के साथ तृणमूल कांग्रेस के कई समर्थकों ने यहां रिजर्व बैंक के गेट पर नारेबाजी की और काले झंडे दिखाए। तृणमूल कांग्रेस के अलावा मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी RBI गवर्नर और नोटबंदी का विरोध किया।

वह केंद्र सरकार द्वारा बड़े मूल्य के नोटों को बंद करने के फैसले को वापस लेने की मांग कर रहे थे। उनका आरोप था कि नोटबंदी की वजह से देश में नकदी का अभूतपूर्व संकट पैदा हो गया है। राज्य के सिंचाई मंत्री राजीव बनर्जी ने सवाल किया कि प्रधानमंत्री को बताना चाहिए कि नोटबंदी क्यों की गई? यदि यह आम आदमी के लाभ के लिए है तो 37 दिनों के बाद भी इतने लोग RBI दफ्तर के सामने लाइन में क्यों खड़े हैं?

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उन्होंने कहा कि यह विचित्र बात है कि जो फैसला रिजर्व बैंक के गवर्नर को करना चाहिए वह फैसला प्रधानमंत्री के स्तर से किया जा रहा है। कुल सात देश नोटबंदी करने का प्रयास कर चुके हैं और सभी बुरी तरह नाकाम रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि नरेंद्र मोदी ने यह कैसे सोचा कि नोटबंदी भारत जैसे बड़े देश में सफल होगी?

पार्टी के प्रवक्ता निर्मल घोष ने शहर में पटेल के दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि RBI के गवर्नर को आम जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों को छीन लेने के बारे स्पष्टीकरण देने का अधिकार होना चाहिए। हम लोग इस फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग करते हैं।

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