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राष्ट्रपति ने चेताया, युवाओं को नहीं मिला रोजगार तो देश में फैलेगी अशांति

pranabh-and-modiनई दिल्ली। राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने कौशल विकास पर जोर देते हुए कहा कि नौकरियों का सृजन देश के लिए महत्वपूर्ण है। देश रोजगार उपलब्ध कराने में असमर्थ रहता है तो इससे अशांति और हताशा पैदा होगी। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र के वार्षिक समारोह को यहां संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने ये बातें कहीं

प्रणव मुखर्जी ने कहा, ‘दुनिया की दूसरी सबसे अधिक आबादी वाले भारत को रोजगार की कमी के कारण आने वाले सालों में बड़ी चुनौतियों को सामना करना पड़ेगा। देश की आधी आबादी 25 साल से कम उम्र की है।’ उन्होंने कहा, ‘हमारे युवा श्रमशक्ति के पास यदि नौकरी होगी तो वे हमारी परिसंपत्ति होंगे। अगर देश रोजगार उपलब्ध कराने में असमर्थ रहता है तो इससे अशांति और हताशा पैदा होगी।’

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राष्ट्रपति ने कहा, ‘रोजगार पाने के लिए ‘शैक्षणिक योग्यता’ ही पर्याप्त नहीं होगी, इसके लिए कौशल आवश्यक है। हमारे विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से हर साल बड़ी संख्या में ग्रैजुएट निकलते हैं, लेकिन उनमें से अधिकतर बेरोजगार रहते हैं। हमारे युवाओं को रोजगार की जरूरत है। दूसरी तरफ, हमारे उद्योगों को पर्याप्त कुशल जनशक्ति खोजने में समस्या का सामना करना पड़ रहा है।’
प्रणव मुखर्जी ने कहा कि दुनिया के विकसित देशों में अधिकतर आबादी अधिक उम्र वालों की है। भारत और चीन जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाएं तीव्र आर्थिक विकास की साक्षी रही हैं, इसलिए हमें हर संभव तरीके से कौशल विकास को बढ़ावा देकर इस अवसर को प्रयोग में लाना चाहिए।

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