Breaking News

खत्म हो गया अपना दल का राजनीतिक वजूद

apna-dalलखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले ही प्रदेश का एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घराने का वजूद मिट गया। निर्वाचन आयोग ने उसे अमान्य घोषित कर दिया है। आयोग ने जिलों को निर्देश भेजा है कि अब यह दल मान्य नहीं रहा। लिहाजा उनके पदाधिकारियों को किसी तरह की छूट न दी जाए।
संयुक्त निर्वाचन अधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने निर्वाचन आयोग के निर्देश को सोमवार को जारी कर दिया। इस परिपत्र में निर्वाचन आयोग के हवाले से कहा गया है कि रजिस्ट्रीकृत अमान्यता प्राप्त राजनैतिक दल, च्अपना दलज् के पदाधिकारियों के मध्य आंतरिक विवाद के कारण आयोग के अभिलेख में आज के दिन उक्त दल का कोई अधिकृत पदाधिकारी नहीं है। आयोग के अभिलेख में इस दल के पदाधिकारियों की अनुमोदित सूची न होने के कारण किसी के द्वारा इस पार्टी का फार्म ए तथा फार्म बी देने पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अपना दल का गठन मायावती की बसपा को टक्कर देने के लिए हुआ। इसकी शुरूआत ही नवंबर 1994 में लखनऊ के बेगम हजरत महल पार्क में कुर्मी समाज की विशाल रैली से। समाज के लोगों ने प्रदेश ही नहीं देश के राजनीतिक दलों के बीच अपनी ताकत का एहसास कराया। इस रैली के मुख्य अतिथि थे डॉ. सोनेलाल पटेल। इसके 11 महीने बाद 1995 में सरदार पटेल जयंती पर कुर्मी समाज की रथ यात्रा को खीरी में रोका गया। फिर नवंबर में बेगम हजरत महल पार्क में रैली पर रोक लगाई गई।
रैली बारादरी पार्क में हुई और इसी रैली में अपना दल के गठन की घोषणा हो गई। उसके बाद से सोनेलाल पटेल जब तक जिंदा रहे तब तक पार्टी फलती फूलती रही। एक सड़क दुर्घटना में उनकी मौत के बाद दल को आगे बढ़ाया उनकी पत्नी कृष्णा पटेल ने। कृष्णा पटेल की पार्टी को पहली चुनावी सफलता मिली 2012 के विधानसभा चुनाव में जब अनुप्रिया पटेल वाराणसी के रोहनिया विधानसभा की विधायक बनीं। उसके बाद अनुप्रिया ने भाजपा का दामन थाम लिया और 2014 की मोदी लहर में वह मिर्जापुर की सांसद बनीं और धीरे-धीरे यहीं से पार्टी के टूटन की प्रक्रिया शुरू हो गई। देखते-देखते मां-बेटी में ऐसी दूरियां बढ़ीं कि मामला भारत निर्वाचन आयोग तक पहुंचा और आयोग को बड़ा फैसला लेना पड़ा जिसके चलते डॉ. सोने लाल पटेल द्वारा खड़ा किया गया बड़ा राजनीतिक घराने के वजूद पर संकट आ गया। हालांकि अभी कृष्णा पटेल ने हिम्मत नहीं हारी है और वह अंतिम दम तक पति की राजनीतिक विरासत को न केवल जिंदा रखने बल्कि उसे बढ़ाने में जुटी रहेंगी।
Loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *