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टैक्स वसूली के लिए बैंकों में जमा पुराने नोटों की बारीकी से छानबीन होगी : जेटली

arunjaitelypressनई दिल्ली। 1000 और 500 रुपये के 76 फीसदी पुराने नोट बैंकिग सिस्टम में लौट आने के बाद गुरुवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने फिर चेताया है कि पुराने नोटों को बैंक में जमा कर देने भर से कालाधन सफेद नहीं हो जाएगा, उस पर टैक्स वसूला जाएगा। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद बैंकों में जमा किए गए पुराने नोटों की बारीकी से जांच की जाएगी और कोई अनियमितता पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही वित्त मंत्री ने ‘गड़बड़ी’ करने वाले बैंक अधिकारियों को भी चेतावनी दी।

जेटली में बैंकों में बड़े पैमाने पर जमा हुए पुराने नोटों का हवाला देते हुए कहा, ‘केवल बैंक में पैसा जमा कर देने का मतलब यह नहीं है कि इसका रंग काले से सफेद हो जाएगा।’ बुधवार को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने कहा था कि नोटबंदी के बाद 6 दिसंबर तक लोग 11.55 लाख करोड़ रुपये बैंकों में जमा कर चुके हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि कितना काला धन जमा हुआ है, यह तो खातों की जांच के बाद ही पता चल सकेगा। उन्होंने कहा, ‘कितना काला धन जमा हुआ है, यह इस पर निर्भर करता है कि कितने की सफाई दे दी गई है और कितने की नहीं दी गई है।’

इसके अलावा जेटली ने नोटबंदी के बाद कालेधन को सफेद करने में जुटे लोगों की मदद करने के खिलाफ बैंक अधिकारियों को भी चेतावनी दी। जेटली ने कहा कि पैसे देने की निर्धारित सीमा से अधिक किसी भी लेन-देन के लिए बैंक के अधिकारी जवाबदेह माने जाएंगे। हाल में दो दिसंबर को इस तरह की गतिविधियों में शामिल पाए जाने पर सरकारी क्षेत्र के 27 बैंक अधिकारियों को निलंबित किया गया और छह का तबादला गैर महत्व के पदों पर किया गया।

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वित्त मंत्रालय ने इससे पहले कहा था कि बैंक के कुछ अधिकारियों के भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देंशों का उल्लंघन कर गैरकानूनी ढंग से लेनदेन करने कुछ मामले संज्ञान में आए हैं। मंत्रालय ने कहा कि सही लेन-देन सुनिश्चित करने के लिए सारे प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में अवैध कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इन गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

वित्त मंत्री ने डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए कई अहम ऐलान किए। यह पूछे जाने पर कि क्या वह राजनीतिक दलों को भी डिजिटल मोड से डोनेशन लेने के लिए प्रेरित करेंगे, जेटली ने कहा, ‘यह भविष्य में होना ही है। अगर यह डिजिटल हो जाता है, अगर ज्यादा संख्या में लोग कम दान भी देते हैं तो यह भारतीय लोकतंत्र के लिए शानदार दिन होगा।’

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