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आपकी ‘पहचान चोरी’ तो नहीं हुई ? आपके ‘नाम’ पर है कालाधन वालों की नजर

black-money-5नई दिल्ली। नोटबंदी के बीच एक तरफ जहां कैश की किल्लत आम आदमी झेलने को मजबूर है, वहीं एक और बड़ा खतरा मंडरा रहा है. वह खतरा है ‘आइडेंटिटी थेफ्ट’ यानि ‘पहचान चोरी’ का. कई ऐसे मामले पहले सामने आ चुके हैं जब किसी अन्य आदमी की पहचान का इस्तेमाल कर किसी ने उसके नाम पर कालाधन, सफेद कर लिया. इसके साथ ही पुलिस और सरकार के लिए भी यह किसी बड़ी समस्या से कम नहीं.

क्या है ‘पहचान चोरी’ :

जैसा की नाम से जाहिर है, पहचान चोरी का सीधा मतलब आपकी निजी जानकारियों से है. जिसका इस्तेमाल बैंक अकाउंट खोलने, पैन कार्ड बनाने और इसके जरिए कालाधन, सफेद किए जाने की कोशिश होती है. इससे चोरी करने वाला तो पीछे होता है लेकिन, जिस आदमी का नाम इस्तेमाल हुआ है वह फंस जाता है. यह शब्द सन 1964 से चलन में है.

कैसे होती है ‘पहचान चोरी’ :

पहचान चोरी के लिए शातिर अपराधी आपकी निजी जानकारियां चुरा लेते हैं. इसमें आपके नाम से साथ ही आपका पैन नंबर, आधार नंबर, पासपोर्ट की जानकारी, बैंक अकाउंट की जानकारी, वोटर आईडी कार्ड, कार्य़ालय का आईडी कार्ड या आपकी अन्य जानकारियों को चुरा लेता है. इसके लिए सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल किया जा सकता है.

‘पहचान चोरी’ के खतरे :

इस चोरी के जरिए कोई भी आपके नाम पर बैंक अकाउंट खोल सकता है, नया पैन कार्ड बनवा सकता है. आपका नाम और किसी अन्य की तस्वीर लगाकर कोई भी अपराध अंजाम दिया जा सकता है. कालाधन वाले आपके नाम पर पैसा जमाकर निकाल सकते हैं. ऐसे में फंसने वाले को पता भी नहीं लगेगा औऱ उसके नाम पर करोड़ों की हेराफेरी हो चुकी होगी.

केस नंबर 1.

झारखंड के हजारीबाग में रहने वाली किरण कुमारी, काफी साधारण परिवार से हैं. दो कमरों के मकान में रहने वाली किरण को उस वक्त बड़ा झटका लगा जKiranब उन्हें बताया गया कि उन्होंने 37 करोड़ रुपए का लेनदेन किया है. हालांकि, जांच में पता चला कि उनके पैन कार्ड का गलत इस्तेमाल कर कोलकाता की एक फर्म ने ऐसा काम किया था.

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उनके नाम पर एक्सिस बैंक में एक अकाउंट भी खोल लिया गया था. इस अकाउंट में सन 2010 से सन 2013 तक कुल 37 करोड़ रुपयों का लेनदेन हुआ था. लेकिन, किरण को इस बारे में भनक तक नहीं थी. आश्चर्य की बात यह है कि नाम और पूरी जानकारी तो किरण की थी लेकिन, बैंक अकाउंट पर उनकी तस्वीर नहीं थी.

केस नंबर 2.

यूपी के एटा में एक मजदूर के जनधन खाते में करीब 4 करोड़ रुपये जमा हो गए हैं. इस जानकारी के आने के बाद बैंक से लेकर आयकर विभाग तक सब में हड़कंप मच गया. आईटी के साथ ही पुलिस भी इस मामले में सतर्क हो गई है. जिस शख्स के खाते में इतनी बड़ी रकम जमा की गई है उनका नाम है अरविंद कुमार.

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दिल्ली में तिरपाल सीलने का काम करने वाले उत्तर प्रदेश के एटा के रहने वाले अरविंद कुमार के एटा के ICICI बैंक में जनधन का खाता अचानक करोड़ों रुपयों से भर गया. इस वक्त अरविंद कुमार के खाते में 3 करोड़ 72 लाख 960 रुपये जमा हैं. मेहनत-मजदूरी कर पैसा कमाने वाले अरविंद कुमार के खाते में अचानक इतना पैसा आने से हड़कंप मचा हुआ है.

ऐसे बच सकते हैं :

– अपनी किसी भी जानकारी को अनजान लोगों को न दें
– पैन/आधार/वोटर आईडी किसी भी प्रकार की फोटो कॉपी सावधानी के साथ इस्तेमाल करें
– किसी भी तरह का पहचान पत्र चोरी होने पर पुलिस को सूचना दें
– जानकारी मांगने वाले फर्जी फोन कॉल्स से सावधान रहें
– बिना जानकारी बैंक से एटीएम या अन्य कागज आए तो सावधान
– इंटरनेट पर पासवर्ड आदि का इस्तेमाल सही से करें
– अपने लिए आने वाली चिट्ठियों आदि पर भी नजर/ध्यान रखें
– कोई आपकी जानकारी मांगे तो शक होने पर पुलिस को बताएं
– बैंक या अन्य स्थानों पर काउंटर पर जाकर ही जानकारी सौंपे
– कागजातों की फोटो कॉपी इस्तेमाल में न हों तो नष्ट कर दें
– किसी भी तरह के अनजान ट्रांजेक्शन पर अलर्ट हो जाएं
– किसी भी तरह के लालच में न आएं, लालच देने वाले का नाम पुलिस को बताएं
अक्सर पहचान चुराने वाले लालच देकर आपकी जानकारी आपसे ही निकाल लेते हैं. ऐसे में लालच में न आएं. इसके साथ ही अपने कागजातों को संभाल कर रखें. किसी भी तरह का शक होने पर पुलिस को सूचना दें.

सुबोध गोस्वामी, एसीपी ईओडब्ल्यू

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