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हेमंत सोरेन की सरकार गिराने वाले 3 ‘बदमाश’: सब्जी विक्रेता, मजदूर और दुकानदार… ₹2 लाख में खरीदते विधायकों को?

झारखंड पुलिस का दावा है कि उसने हेमंत सोरेन की सरकार गिराने की साजिश रच रहे लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से रुपए भी मिले हैं। उन पर सत्ताधारी विधायकों के खरीद-फरोख्त की कोशिश का आरोप लगा है। इसी बहाने सत्ताधारी ‘झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM)’ ने भाजपा को घेरना शुरू कर दिया है। लेकिन, अब सामने आया है कि आरोपितों में एक मजदूर है और एक ठेला लगा कर सब्जी बेचता है।

पुलिस ने अभिषेक दुबे (पलामू), अमित सिंह (बोकारो) और निवारण प्रसाद महतो (बोकारो) को होटल ली-लैक से गिरफ्तार करने का दावा किया है। आश्चर्य की बात ये है कि अमित सिंह बीएसएल, बोकारो में ठेका मजदूर के रूप में काम कर के अपना गुजरा चलाता है। निवारण प्रसाद महतो (बोकारो) फल के कारोबार से जुड़ा है और दुंदीबाग में उसकी दुकान है। हालाँकि, 2019 में जीतन राम माँझी की पार्टी HAM ने उसे विधानसभा चुनाव का टिकट दिया था।

वहीं अभिषेक दुबे ने इंजीनियरिंग किया हुआ है। उसके पिता पलामू के जपला में जनवितरण प्रणाली की दुकान चलाते हैं और दादा सीमेंट फैक्ट्री में काम करते थे। महतो के रिश्तेदार सोनू का कहना है कि उसे गुरुवार (22 जुलाई, 2021) को पुलिस बोकारो से उठा कर ले गई। दुबे की बहन भावना का कहना है कि भाई को किसी ने फोन कॉल कर के होटल में बुलाया था। उसी समय वहाँ छपेमारी भी हो गई।

पुलिस ने होटल का सीसीटीवी फुटेज पेन ड्राइव में ले लिया है। आरोप है कि इनके साथी 3 ट्रॉली बैग छोड़ कर घटनास्थल से भागने में कामयाब हो गए। पुलिस ने दो लाख रुपए और मोबाइल फोन्स जब्त किया है। पुलिस ने दावा किया है कि तीनों आरोपितों ने अपना ‘अपराध’ कबूल कर लिया है। कहा जा रहा है कि स्थानीय विधायकों के साथ इनकी हवाई यात्रा का PNR नंबर मिला है। लेकिन, पुलिस उन विधायकों के नाम नहीं बता रही।

कोरोना जाँच के बाद सभी आरोपितों को अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें 7 अगस्त तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अभिषेक दुबे की बहन का कहना है कि उसके भाई को किसी विधायक के साथ दिल्ली ले जाया गया था। वहीं बेरमो से कॉन्ग्रेस विधायक जयमंगल सिंह ने इस मामले में शिकायत दायर की है, जिस आधार पर FIR हुई। उन्होंने कहा है कि ये लोग सरकार गिराने के लिए राजनीतिक षड्यंत्र के तहत कैंप किए हुए थे।

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परिजनों का कहना है कि दो आरोपितों को उनके घरों से उठाया गया, जबकि पुलिस ने होटल से गिरफ़्तारी का दावा किया है। अमित सिंह के परिजनों का कहना है कि उसे एक-डेढ़ घंटे की पूछताछ की बात कह के गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद स्कॉर्पियो से ले जाया गया। अब पुलिस कह रही कि राँची जाकर पता करो। परिजनों का कहना है कि वो रोज खाने-कमाने वाले लोग हैं। जबकि पुलिस हॉर्स ट्रेडिंग के तहत मामला चला रही है।

अभिषेक दुबे भी आजकल अपने पिता की दुकान पर ही बैठता था, ऐसा परिजनों का कहना है। वो छोटी-मोटी ठेकेदारी का काम भी किया करता था। भाजपा ने कहा है कि ये पूरा मामला सत्ताधारी दलों द्वारा अंदर ही अंदर पैदा किया गया है। भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने SIT का गठन कर जाँच की माँग की है, ताकि मामला साफ़ हो। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने इसे सरकार की ही साजिश करार दिया।

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