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महाराष्ट्र में भारी बारिश से बिगड़े हालात, लैंडस्लाइड से मचा तबाही, NDRF ने निकाले अब तक 52 शव

महाराष्ट्र के कई जिलों में भारी बारिश (Maharashtra Rainfall) की वजह से हालात बिगड़ गए हैं. बारिश के चलते कई इलाके जलमग्न हो गए तो कई जगह लैंडस्लाइड्स (Landslides) भी हुईं, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की जान चली गई.

एनडीआरएफ ने बताया कि देश के किसी भी हिस्से में बाढ़ के दौरान तत्काल प्रतिक्रिया के लिए, विभिन्न हिस्सों में एनडीआरएफ की कुल 149 टीमों को तैनात किया गया है. टीमों ने महाराष्ट्र में विभिन्न लैंडस्लाइड वाले स्थलों से 52 शव निकाले हैं. इसके अलावा, लापता लोगों की तलाश जारी है. वहीं, मुंबई के वर्ली इलाके में निर्माणधीन बिल्डिंग में लिफ्ट गिरने से चार लोगों की जान चली गई, जबकि एक की हालत गंभीर बताई जा रही है. हालात का जायजा लेने के लिए आदित्य ठाकरे घटनास्थल पर पहुंचे हैं.

राज्य का रायगढ़ जिला बारिश की वजह से सबसे ज्यादा प्रभावित रहा है, जहां पर 47 लोगों की जान चली गई. इसमें से तलिए गांव में गुरुवार को हुई लैंडस्लाइड की घटना में ही 37 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा.

पुणे में पत्रकारों से बात करते हुए पवार ने कहा कि पिछले चार दिनों में भारी बारिश से प्रभावित नौ जिलों से अब तक 90,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. तटीय कोंकण क्षेत्र के रायगढ़ और रत्नागिरी जिलों के कुछ हिस्से और पश्चिमी महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं.

कई जिलों में भरा पानी
कई जिलों में भरा पानी

एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की टीमें बचाव अभियान में लगीं

इसके अलावा, सतारा जिले के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो रही है. एजेंसी के अनुसार, पवार ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की 21 टीमें बारिश से प्रभावित जिलों में सेना, तटरक्षक बल और अन्य की 14 टीमों के साथ काम कर रही हैं. राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की चार टीमें भी लोगों को बचाने के अभियान में शामिल हो गई हैं. मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, राज्य के कुछ हिस्सों में आई बाढ़ में 76 लोगों की मौत हो गई और 38 अन्य घायल हो गए, जबकि 30 लोग लापता हो गए.

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90 हजार लोग सुरक्षित जगहों पर पहुंचाए गए

सीएमओ के बयान में कहा गया है कि राहत एवं पुनर्वास विभाग से मिली जानकारी के अनुसार करीब 90,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. 75 जानवर भी मारे गए हैं. पवार के अनुसार, पुणे जिले के 23 इलाके लैंडस्लाइड की चपेट में हैं, जिनमें अंबेगांव में पांच, मावल में दो, खेड़ में दो, भोर में तीन, मुलशी, जुन्नार और वेल्हा में एक-एक क्षेत्र शामिल हैं. उन्होंने कहा, “इन इलाकों में भी कई लोगों की जान चली गई है. शनिवार सुबह तक भारी बारिश के कारण कुल 76 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.

बचाव अभियान में जुटी NDRF की टीमें
बचाव अभियान में जुटी NDRF की टीमें

रायगढ़ में 47 की गई जान

इनमें रायगढ़ में 47, सतारा में छह, मुंबई और आसपास के इलाकों में चार, पुणे में एक, रत्नागिरी में 11, कोल्हापुर में पांच और सिंधुदुर्ग में दो लोग शामिल हैं. शनिवार सुबह तक रायगढ़ में 53, सतारा में चार और ठाणे में दो लोग लापता हैं.  पवार ने यह भी कहा कि सरकार ने इन प्रभावित क्षेत्रों में राशन किट बांटने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि आमतौर पर राशन किट में गेहूं, चावल, दाल और मिट्टी का तेल शामिल होता है, लेकिन इस परिदृश्य में गेहूं का आटा प्राप्त करने के लिए प्रतिबंधों को देखते हुए, सरकार ने राशन किट में चावल, दाल और मिट्टी का तेल देने का फैसला किया है, जिससे लोगों को खिचड़ी तैयार करने में मदद मिलेगी.

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