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सीएम के फरमान का नहीं दिखा असर

लखनऊ/देव‌रिया  सीएम आदित्यनाथ योगी ने भले ही एनेक्सी की दीवारों पर पान और गुटखों की पड़ी पीकों को देखकर सरकारी कार्यालयों में इस पर प्रतिबंध लगा दिया हो, लेकिन जिले के अधिकारियों और कर्मचारियों की सेहत पर कोई असर पड़ता नहीं दिखा।

बुधवार को जब हमने विकास भवन, नगर पालिका, कलेक्ट्रेट, बीएसए कार्यालय, जिला अस्पताल, सीएमओ कार्यालय, बस स्टेशन, एआरटीओ कार्यालय का जायजा लिया। इन विभागों के कार्यालयों के दीवारों पर जगह-जगह पान और गुटखे की पीक पड़ी थी। इससे साफ पता चल रहा था कि स्वच्छता को लेकर कर्मचारी और अधिकारी संवेदनशील नहीं हैं। एआरटीओ कार्यालय में जब अमर उजाला की टीम पहुंची तो एक बाबू गुटखा चबा रहा था। कैमरामैन ने जब फोटो लेने की कोशिश की तो पीके वह लील गया।

जब उससे बताया कि सीएम ने सरकारी कार्यालयों में पान और गुटखा खाने पर रोक लगा दी है तो उसने कहा कि उसे जानकारी नहीं है। मिन्नतें करते हुए कहा कि अब वह गुटखा खाकर कार्यालय में नहीं बैठेगा। विकास भवन का तो हाल ही न पूछो। स्वच्छता के नाम पर पूरा परिसर सुन्न है। गंदगी के साथ दीवारों पर पान और गुटखे के पीक यह बताने के लिए काफी है कि कई महीने से साफ-सफाई हुई ही नहीं है। आबकारी विभाग में जब टीम पहुंची तो वहां के कर्मचारी इस चर्चा में मशगूल दिखे कि क्या सही शराब की बिक्री पर रोक लग जाएगी। ऐसे में वे अपने भविष्य को लेकर भी चिंतित दिखे। बेसिक शिक्षा विभाग, नगर पालिका कार्यालय, सीएमओ कार्यालय, कलेक्ट्रेट, जिला पंचायत में कई ऐसे बाबू कार्यरत हैं जिनके मुंह में पान या गुटखा न रहे तो वह काम न पाएं।

…और छुपा लिया पॉलीथिन
सिर्फ पान और गुटखों पर सरकारी कार्यालयों में प्रयोग पर रोक नहीं लगाई गई है, बल्कि प्लास्टिक पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। जिला निर्वाचन कार्यालय में एक कर्मचारी पॉलीथिन में टिफिन लेकर आया था। जब उससे कहा गया कि सीएम ने प्लास्टिक के प्रयोग पर वैन लगा दिया है तो उसने तुरंत पॉलीथिन को दराज में छिपा लिया।