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एक महीने में ही योगी सरकार ने पार कर लिये कई अहम स्पीड ब्रेकर योगी के 3० दिन अखिलेश के पांच साल पर भारी

अहम फैसले

कर्ज माफी से किसान हुए खुश

धार्मिक स्थलों पर 24 घंटे बिजली

एंटी रोमियो दल का गठन

आलू खरीद केंद्र बनेंगे

15 जून तक प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त

अवैध बूचड़खानों पर सख्ती

मुस्लिम लड़कियों की शादी पर मदद

8० लाख मीट्रिक टन गेंहू खरीदेगी सरकार

सरकारी दफ्तरों में सुधार

पूंजी निवेश के लिए नई राज्य नीति

महापुरुषों के नाम पर होने वाली छुट्टियों को ख़त्म करना

मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को एक लाख रुपए का आर्थिक अनुदान

यूपी को रोशन करने के लिए मोदी सरकार के साथ पावर फॉर ऑल डील

राजेश श्रीवास्तव

लखनऊ । उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक महीना पूरा कर लिया है। 19 मार्च को योगी आदित्यनाथ ने राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। इस एक महीने में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से कई बड़े फैसले लिये गए। महज 3० दिन के कार्यकाल में सीएम योगी ने जिस तरह एक के बाद एक फैसले लिए हैं, उससे उनका कद काफी बढ़ गया है। महज एक महीने के ही कार्यकाल में योगी सरकार अपने अहम फैसलों के बदौतत पूरे देश में सुर्खियां बटोरने का सबब बनी हुई हैं। प्रखर हिदुत्व के पोषक माने जाने वाले योगी आदित्यनाथ ने (19 मार्च) को यूपी के सीएम पद की शपथ ली। जिसके बाद से ही योगी आदित्यनाथ ने पीएम मोदी के ‘ना खाऊंगा और ना खाने दूंगा’ से प्रेरित होते हुए ‘ना सोउंगा और ना सोने दूंगा’ की नीति पर काम किया। उनके काम करने के तौर तरीके से जनता और खुद योगी के मंत्रियों में नई सकारात्मक ऊर्ज़ा का प्रवाह हुआ है। ऐसा नहीं है कि योगी आदित्यनाथ के काम करने की रफ्तार में कोई रोड़े नहीं आए, लेकिन योगी ने अपने कुशल नेतृत्व और सख्त आदेशों के बल पर इन सब से पार पा लिया। योगी के सामने सबसे बड़ी चुनौती यूपी की ब्यूरोक्रेसी में भ्रष्ट अफसरों पर शिकंजा लगाने की है। पिछली सरकारों में अपने राजनैतिक आकाओं के दम पर सिस्टम का सत्यानाश करने वाले अधिकारियों को योगी ने किनारे लगाया। पिछले एक दशक बाद यूपी में सत्ता परिवर्तन हुआ। कभी सपा ने शासन किया तो सभी बसपा को यूपी की कमान मिली, लेकिन जो नहीं बदला था वह था भ्रष्ट अधिकारियों का मकड़जाल। अपने चुनावी भाषणों में पीएम मोदी और बीजेपी प्रेसिडेंट अमित शाह ने हर बार इस बात का जिक्र करते हुए यूपी की जनता का विश्वास जीतने की कोशिश की कि सत्ता में आते ही वह भ्रष्ट अधिकारियों पर सबसे पहले नकेल कसेंगे और योगी सरकार ने ऐसा ही किया। योगी आदित्यनाथ ने अपने तबादला एक्सप्रेस की रफ्तार बढ़ाई और ताबड़तोड़ कई अधिकारियों का फ़ेरबदल किया। योगी सरकार को यह बात अच्छी तरह पता है कि बसपा सरकार में हुए भ्रष्टाचार की कोई जांच अखिलेश सरकार ने नहीं करवाई बल्कि उलटा कुछ भ्रष्ट अधिकारियों को अखिलेश ने ही एडजस्ट कर लिया। योगी सरकार के सामने भी ऐसी ही चुनौती थी क्योंकि यहां ब्यूरोक्रेसी भी वही भ्रष्ट अधिकारियों का गिरोह भी वही। योगी सरकार ने इसका समाधान निकालने के लिए केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात यूपी काडर के करीब बारह आईएएस अधिकारियों को वापस बुलाए जाने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा। इसके साथ ही योगी सरकार ने अखिलेश सरकार के कामों के जांच के आदेश दे दिए जिससे भ्रष्ट अधिकारियों और मंत्रियों के हाथ-पैर फूल गए हैं। योगी आदित्यनाथ तीन अप्रैल से ही लंबी समीक्षा बैठक कर रहे हैं और हर विभागों के प्रेजेंटेशन देख रहे हैं। यह बैठक आधी रात तक चलती रहती हैं। रात में स्वीट ड्रीम और स्लीप वेल आदी वरिष्ठ अधिकारियों के लिए रात और दिन दोनों भारी पड़ रहे हैं। अब उन्हें रोजाना सुबह नौ बजे काम पर पहुंचना होता है। ऑफिस आने का समय तय है, लेकिन यहां से जाने का नहीं। यूपी का निजाम बदलने के साथ ही यहां का इंतजाम भी बदला-बदला नजर आने लगा है। कर्ज माफी योगी सरकार बनते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रिमंडल की पहली बैठक में ही यूपी के दो करोड़ से भी अधिक लघु और सीमांत किसानों को कर्जमाफी का तोहफा दिया। एक अहम फैसले के तहत योगी ने किसानों का एक लाख रुपए तक का कर्ज माफ कर दिया। योगी सरकार ने कुल मिलाकर किसानों का 36,359 करोड़ रुपए का कर्ज माफ करने का फैसला किया है। धार्मिक स्थलों पर बिजली धार्मिक स्थलों पर 24 घंटे बिजली का आदेश योगी सरकार ने कहा है कि वह धार्मिक स्थलों पर 24 घंटे और गांवों में कम से कम 18 घंटे बिजली देंगे। इसके अलावा पुराने बिजली बिलों पर सरचार्ज माफ कर दिया है। साथ ही यह भी राहत दी है कि जिसका बिल 1० हजार रुपए से अधिक है, वह अपने बिल का भुगतान किश्तों में कर सकता है। अब बिजली विभाग के लोग गांवों में भी जाकर काम करेंगे। एंटी रोमियो दल का गठन एंटी रोमियो योगी सरकार का काफी सराहनीय कदम माना जा रहा है। इसके तहत उन मनचलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आदेश दिया गया, जो आते-जाते लड़कियों को छेड़ते थे। हालांकि, पुलिस के बहुत से अधिकारी योगी सरकार के इस फैसले का गलत इस्तेमाल करते हुए हर प्रेमी जोड़े को मारते-पीटते दिखाई दिए। योगी सरकार ने भले ही यह फैसला मनचलों से निजात पाते के लिए लिया, लेकिन पुलिसवाले इसका गलत इस्तेमाल करते न केवल मार-पीट कर रहे हैं, बल्कि रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार भी खूब बढ़ रहा है। आलू खरीद केंद्र बनेंगे किसानों को राहत देते हुए योगी सरकार ने आदेश दिया है कि 4 एजेंसियां मिलकर एक टन आलू खरीदेंगी। आपको बता दें अधिक आलू उत्पादन की वजह से उत्तर प्रदेश के बहुत से किसानों को नुकसान हुआ था। अपनी दूसरी कैबिनेट की मीटिग में योगी सरकार ने फैसला किया है कि आलू को न्यूनतम समर्थन मूल्य 487 रुपए प्रति कुंटल में खरीदा जाए। वहीं दूसरी ओर, गन्ना किसानों को 14 दिन के अंदर पैसे देने के आदेश भी योगी आदित्यनाथ ने दिए हैं। प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त सड़कें गड्ढा मुक्त करने का आदेश उत्तर प्रदेश की जनता खराब सड़कों की वजह से काफी परेशान है। योगी सरकार ने अधिकारियों को आदेश दिया है कि 15 जून तक प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त कर दिया जाए। इसके लिए करीब 4 हजार करोड़ रुपयों का आवंटन किया जाएगा, जिसके तहत कुल 18 हजार किलोमीटर सड़कें गड्ढा मुक्त होंगी। योगी सरकार के इस कदम की जमकर सराहना हो रही है। अवैध बूचड़खानों पर सख्ती योगी आदित्यनाथ ने अपने चुनावी वादे में कहा था कि जैसे ही उनकी सरकार आती है तो वह अवैध बूचड़खानों के खिलाफ मुहिम चलाएंगे। योगी आदित्यनाथ ने सीएम बनने बाद ही अवैध बूचड़खानों के खिलाफ कार्रवाई शुरू भी कर दी। इसके चलते पूरे उत्तर प्रदेश के सभी अवैध बूचड़खानों को बंद करा दिया गया। मुस्लिम लड़कियों की शादी पर मदद यूपी में योगी आदित्यनाथ ने ऐलान किया है कि भाजपा सरकार मुसलमानों सहित अल्पसंख्यक समुदाय की गरीब लड़कियों का सामूहिक विवाह आयोजित करेगी। इसमें हर लड़की को सरकार की तरफ से 2० हजार रुपए दिए जाएंगे। इसके अलावा, सरकार सामूहिक विवाह में होने वाले हर खर्च को खुद वहन करेगी। 8० लाख मीट्रिक टन गेंहू खरीदेगी सरकार योगी सरकार ने यह भी फैसला किया है कि वह किसानों को बिचौलियों से भी मुक्ति दिलाएगी और किसानों का 8० लाख मीट्रिक टन गेंहू सरकार ही खरीदेगी। इससे किसानों को बड़ी राहत मिली है। बिचौलियों के होने की वजह से किसानों के मिलने वाले मुनाफ़े का एक हिस्सा बिचौलिए ले जाते थे, जो अब बिचौलिए को न मिलकर किसान को ही मिलेगा। सरकारी दफ्तरों में सुधार सरकारी दफ्तरों में समय से न आना जैसे एक परंपरा बन गई थी, जिसे योगी सरकार के आते ही बदल दिया गया। योगी आदित्यनाथ ने आदेश दिया कि सरकारी दफ्तरों के सभी अधिकारी समय से आएंगे। योगी सरकार ने सरकारी दफ्तरों में पान-गुटखा खाने पर भी पाबंदी लगा दी। उन्होंने आदेश दिया कि स्कूलों में भी पान गुटखा नहीं खाया जाएगा। लिहाजा अब स्वच्छता अभियान आकार लेने लगा है। पूंजी निवेश को नई नीति योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश को विकास की पटरी पर दौड़ाने के लिए सूबे में बड़ी तादात में पूंजी निवेश को लेकर नई राज्यनीति भी बनाने की बात कही है। इसके लिए एक मंत्री समूह का गठन भी किया गया है, जो अलग-अलग राज्यों में जाकर वहां की उद्योग नीति की बारीकियों का अध्ययन करेंगे और उत्तर प्रदेश में आने वाले समय में एक अच्छी उद्योग नीति बनाएंगे।